परिचय
जब किसी युवा का सपना सिर्फ एक सुरक्षित नौकरी नहीं, बल्कि जंगलों, वन्यजीवों और प्रकृति की रक्षा के साथ देश की सेवा करना होता है, तब UPSC IFoS Exam / भारतीय वन सेवा परीक्षा उसकी मंज़िल बनती है। IFoS परीक्षा उन संवेदनशील, जिम्मेदार और साहसी युवाओं के लिए है जो प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की धरोहर मानते हैं। भारतीय वन सेवा 2026 एक ऐसा अवसर है जहाँ सम्मान, रोमांच और राष्ट्र सेवा एक साथ जुड़ते हैं।

UPSC IFoS Exam / भारतीय वन सेवा परीक्षा 2026 का विवरण
संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित UPSC IFoS Exam / भारतीय वन सेवा परीक्षा देश की तीन अखिल भारतीय सेवाओं में से एक है। यह परीक्षा हर वर्ष UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के माध्यम से शुरू होती है। IFoS 2026 के ज़रिए देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वन संरक्षण, पर्यावरण प्रबंधन और जैव विविधता की रक्षा से जुड़े उच्च पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है।
UPSC IFoS Exam के अंतर्गत पद विवरण
भारतीय वन सेवा के अधिकारी जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षक होते हैं। चयन के बाद अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदार पदों पर कार्य करने का अवसर मिलता है।
| पद का नाम | कार्य क्षेत्र |
| असिस्टेंट कंज़र्वेटर ऑफ फॉरेस्ट | वन प्रबंधन और संरक्षण |
| डिप्टी कंज़र्वेटर ऑफ फॉरेस्ट | वन्यजीव संरक्षण और नीति कार्यान्वयन |
| कंज़र्वेटर ऑफ फॉरेस्ट | क्षेत्रीय वन प्रशासन |
| मुख्य वन संरक्षक | राज्य स्तर पर वन नीति |
इन पदों पर रहते हुए अधिकारी नीतियाँ बनाते हैं और ज़मीनी स्तर पर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं।
शैक्षणिक योग्यता
UPSC IFoS Exam 2026 के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विज्ञान या इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि में स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। इसमें कृषि, वानिकी, पशुपालन, पर्यावरण विज्ञान, भूविज्ञान, गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और इंजीनियरिंग जैसे विषय स्वीकार्य होते हैं।
आयु सीमा
UPSC IFoS Exam / भारतीय वन सेवा परीक्षा 2026 के लिए उम्मीदवार की आयु सामान्यतः 21 से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाती है, जिससे सभी योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।
आवेदन शुल्क
IFoS परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार निर्धारित होता है। सामान्य और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होता है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों को शुल्क में छूट दी जाती है। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है।
परीक्षा पैटर्न
UPSC IFoS Exam / भारतीय वन सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है, जो उम्मीदवार की बौद्धिक क्षमता, विषय ज्ञान और व्यक्तित्व का समग्र मूल्यांकन करती है।
| चरण | परीक्षा का स्वरूप |
| प्रारंभिक परीक्षा | सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा |
| मुख्य परीक्षा | लिखित परीक्षा |
| साक्षात्कार | व्यक्तित्व परीक्षण |
प्रारंभिक परीक्षा केवल छंटनी के लिए होती है, जबकि मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंक अंतिम चयन में जोड़े जाते हैं।
UPSC IFoS 2026 का सिलेबस
भारतीय वन सेवा का सिलेबस विज्ञान और पर्यावरण आधारित होता है। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन और पर्यावरण से जुड़े विषय शामिल होते हैं। मुख्य परीक्षा में उम्मीदवार को दो वैकल्पिक विषय चुनने होते हैं, जिनमें वानिकी, कृषि, पशुपालन, भूविज्ञान, गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान जैसे विषय शामिल होते हैं। यह सिलेबस उम्मीदवार को एक कुशल और दूरदर्शी वन अधिकारी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
चयन प्रक्रिया
UPSC IFoS Exam / भारतीय वन सेवा परीक्षा 2026 प्रकृति की रक्षा से राष्ट्र सेवा तक की Proven यात्रा2026 की चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होती है। सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए चुना जाता है। मुख्य परीक्षा में विषय ज्ञान और उत्तर लेखन क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। अंतिम चरण में साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवार की सोच, निर्णय क्षमता, नेतृत्व और प्रकृति के प्रति दृष्टिकोण को परखा जाता है।
आवेदन प्रक्रिया
UPSC IFoS Exam / भारतीय वन सेवा परीक्षा 2026 प्रकृति की रक्षा से राष्ट्र सेवा तक की Proven यात्रा/ भारतीय वन सेवा परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होती है। उम्मीदवार को UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होता है। आवेदन फॉर्म भरते समय शैक्षणिक विवरण, वैकल्पिक विषय और परीक्षा केंद्र का चयन सावधानीपूर्वक करना आवश्यक होता है। समय पर सही जानकारी के साथ आवेदन करना सफलता की पहली सीढ़ी माना जाता है।
UPSC भारतीय वन सेवा परीक्षा 2026 (IFoS) का सिलेबस
भारतीय वन सेवा परीक्षा का सिलेबस इस उद्देश्य से बनाया गया है कि चयनित अधिकारी न केवल प्रशासनिक रूप से सक्षम हों, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और जैव विविधता को वैज्ञानिक दृष्टि से समझ सकें। IFoS 2026 का सिलेबस तीन स्तरों में फैला होता है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण शामिल हैं।
प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस
भारतीय वन सेवा की प्रारंभिक परीक्षा सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के साथ संयुक्त रूप से आयोजित होती है। इसमें दो अनिवार्य पेपर होते हैं।
| पेपर | विषय | मुख्य क्षेत्र |
| पेपर 1 | सामान्य अध्ययन | पर्यावरण, जैव विविधता, भूगोल, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और करेंट अफेयर्स |
| पेपर 2 | CSAT | तर्कशक्ति, गणितीय क्षमता, समझ और विश्लेषण |
प्रारंभिक परीक्षा केवल छंटनी के लिए होती है, इसके अंक अंतिम मेरिट में शामिल नहीं किए जाते।
मुख्य परीक्षा का सिलेबस
मुख्य परीक्षा में उम्मीदवार की विषयगत गहराई और उत्तर लिखने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। इसमें कुल छह पेपर होते हैं।
अनिवार्य विषय
| पेपर | विषय |
| पेपर 1 | सामान्य अंग्रेज़ी |
| पेपर 2 | सामान्य ज्ञान |
सामान्य ज्ञान के अंतर्गत भारतीय वन नीति, पर्यावरण, जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और समसामयिक विषय शामिल होते हैं।
वैकल्पिक विषय
मुख्य परीक्षा में उम्मीदवार को दिए गए विषयों की सूची में से दो वैकल्पिक विषय चुनने होते हैं। प्रत्येक विषय के दो पेपर होते हैं।
| वैकल्पिक विषय |
| कृषि |
| वानिकी |
| पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विज्ञान |
| वनस्पति विज्ञान |
| रसायन विज्ञान |
| भूविज्ञान |
| गणित |
| भौतिकी |
| सांख्यिकी |
| प्राणी विज्ञान |
| सिविल इंजीनियरिंग |
| मैकेनिकल इंजीनियरिंग |
| केमिकल इंजीनियरिंग |
वैकल्पिक विषय का स्तर स्नातक स्तर का होता है, लेकिन प्रश्नों की प्रकृति विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक होती है।
साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण)
मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। इसमें उम्मीदवार के ज्ञान के साथ-साथ उसके व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, निर्णय शक्ति और प्रकृति व पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण का मूल्यांकन किया जाता है।
महत्वपूर्ण बात
भारतीय वन सेवा का सिलेबस केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है। इसमें पर्यावरणीय समझ, फील्ड अवेयरनेस और वैज्ञानिक सोच को विशेष महत्व दिया जाता है। इसलिए तैयारी के दौरान पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर गहरी समझ विकसित करना आवश्यक होता है।
समापन विचार
UPSC IFoS Exam/ भारतीय वन सेवा परीक्षा 2026 उन युवाओं के लिए है जो प्रकृति के प्रहरी बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह सेवा केवल एक करियर नहीं, बल्कि जंगलों, नदियों और वन्यजीवों के भविष्य की जिम्मेदारी है। अगर आपके भीतर प्रकृति के लिए प्रेम और राष्ट्र के लिए समर्पण है, तो IFoS आपके जीवन की सबसे अर्थपूर्ण यात्रा बन सकती है।
अस्वीकरण
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। परीक्षा से संबंधित नियम, योग्यता, तिथियाँ और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे UPSC की आधिकारिक अधिसूचना और वेबसाइट से नवीनतम और प्रामाणिक जानकारी अवश्य प्राप्त करें।