TOP MPSC Syllabus 2026| एमपीएससी पाठ्यक्रम 2026 और परीक्षा पैटर्न – ESSENTIAL हिंदी मार्गदर्शिका

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MPSC Syllabus 2026 भूमिका: सफलता की सही शुरुआत

MPSC Syllabus 2026: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा निर्धारित एमपीएससी पाठ्यक्रम 2026 और परीक्षा पैटर्न को समझना हर उस अभ्यर्थी के लिए बेहद ज़रूरी है जो राज्यसेवा परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है। यह परीक्षा केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि सही दिशा, निरंतर मेहनत और स्पष्ट रणनीति की मांग करती है। जब उम्मीदवार को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के विस्तृत पाठ्यक्रम के साथ परीक्षा पैटर्न की स्पष्ट जानकारी होती है, तभी वह एक केंद्रित और प्रभावी अध्ययन योजना बना पाता है।

एमपीएससी राज्यसेवा परीक्षा में प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम अलग-अलग होते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य ज्ञान, सामान्य अध्ययन और योग्यता आधारित विषय शामिल होते हैं, जबकि मुख्य परीक्षा में मराठी भाषा, अंग्रेज़ी भाषा, निबंध, सामान्य अध्ययन के चार पत्र और वैकल्पिक विषय के प्रश्नपत्र होते हैं। इसके बाद साक्षात्कार के माध्यम से उम्मीदवार के व्यक्तित्व और प्रशासनिक उपयुक्तता का मूल्यांकन किया जाता है।

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एमपीएससी चयन प्रक्रिया 2026: संपूर्ण अवलोकन

MPSC Syllabus 2026: यदि आप इस वर्ष एमपीएससी परीक्षा में बैठने की योजना बना रहे है तो चयन प्रक्रिया को समझना बहुत आवश्यक है। एमपीएससी राज्यसेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है। पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा होती है, जो एक स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में ली जाती है। इसके बाद मुख्य परीक्षा होती है जो वर्णनात्मक प्रकृति की होती है और मेरिट सूची में निर्णायक भूमिका निभाती है। अंतिम चरण में साक्षात्कार आयोजित किया जाता है, जिसमें उम्मीदवार के समग्र व्यक्तित्व, निर्णय लेने की क्षमता और प्रशासनिक सोच का आकलन किया जाता है।

MPSC Syllabus 2026 परीक्षा – मुख्य बिंदु

चरण (Stage)प्रश्नपत्र (Papers)कुल अंक (Marks)प्रश्नों का प्रकार (Type of Questions)
Prelims2 पेपर (General Studies + CSAT)400 (योग्यता परीक्षा)वस्तुनिष्ठ (MCQ)
Mains2 Language Papers (योग्यता) + 5 अनिवार्य + 2 वैकल्पिक1,750 (मेरिट के लिए गिने जाएंगे)वर्णनात्मक
InterviewPersonality Test275मौखिक/व्यक्तित्व परीक्षण

एमपीएससी परीक्षा पैटर्न 2026: मुख्य बिंदु

एमपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होते हैं, सामान्य अध्ययन और सीएसएटी। प्रत्येक प्रश्नपत्र 200 अंकों का होता है और कुल 400 अंकों की यह परीक्षा केवल मुख्य परीक्षा के लिए पात्रता तय करती है। सीएसएटी में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है।

मुख्य परीक्षा में कुल 9 प्रश्नपत्र होते हैं, जिनका कुल अंक भार 1750 होता है। इनमें से मराठी और अंग्रेज़ी भाषा के प्रश्नपत्र योग्यता निर्धारण के लिए होते हैं और इनके अंक मेरिट में नहीं जोड़े जाते। शेष 7 प्रश्नपत्रों के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाती है।

MPSC Syllabus 2026: मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को 275 अंकों के साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।

विषय (Paper)कुल अंक (Marks)प्रश्न संख्या (Questions)समय (Duration)प्रकार (Type)
Paper I – General Studies2001002 घंटेMCQ
Paper II – CSAT200802 घंटेMCQ

एमपीएससी पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न 2026 में हुए नए बदलाव

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने हाल ही में मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। संशोधित पैटर्न के अनुसार मुख्य परीक्षा अब पूरी तरह वर्णनात्मक प्रकृति की हो गई है। पहले जहां मुख्य परीक्षा में 6 प्रश्नपत्र होते थे अब उनकी संख्या बढ़ाकर 9 कर दी गई है।

मुख्य परीक्षा के कुल अंक पहले 800 थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 1750 कर दिया गया है। मराठी और अंग्रेज़ी भाषा के प्रश्नपत्रों को योग्यता परीक्षा के रूप में रखा गया है, इसलिए इनके अंक अब मेरिट सूची में शामिल नहीं किए जाते। इसके अतिरिक्त उम्मीदवारों को अब 7 अनिवार्य प्रश्नपत्र देने होते हैं जिनमें एक निबंध, चार सामान्य अध्ययन और एक वैकल्पिक विषय के दो प्रश्नपत्र शामिल हैं।

आयोग ने नकारात्मक अंकन प्रणाली में भी बदलाव किया है। पहले प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक काटे जाते थे, जबकि अब प्रत्येक गलत उत्तर पर कुल अंकों का एक चौथाई यानी 25 प्रतिशत अंक काटे जाएंगे।

एमपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न 2026

एमपीएससी प्रारंभिक परीक्षा चयन प्रक्रिया का पहला चरण है। यह परीक्षा उम्मीदवार की सामान्य जागरूकता तर्क क्षमता और महाराष्ट्र के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य की समझ का परीक्षण करती है। प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होते हैं। पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन का होता है, जिसके अंक मेरिट के लिए गिने जाते हैं। दूसरा प्रश्नपत्र सीएसएटी का होता है जो केवल योग्यता निर्धारण के लिए होता है। दोनों प्रश्नपत्रों की अवधि दो-दो घंटे की होती है और प्रश्न बहुविकल्पीय होते हैं।

Table: MPSC Syllabus 2026 विषय क्षेत्र

विषय क्षेत्रविस्तृत विषय
वर्तमान घटनाएँराज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ताज़ा घटनाएँ
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलनभारत का इतिहास महाराष्ट्र संदर्भ के साथ
संविधान और राजनीतिक व्यवस्थामौलिक अधिकार, दायित्व, संशोधन आदि
महाराष्ट्र और भारत का भूगोलबांध, नदियाँ, अंतरराज्यीय जल संधियाँ आदि
राजनीति और प्रशासनपंचायती राज, शहरी शासन, जिला प्रशासन
अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकासगरीबी, शिक्षा, सतत विकास लक्ष्य
पर्यावरण और पारिस्थितिकीजैव विविधता, जलवायु परिवर्तन, कानून
सामान्य विज्ञानरसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भौतिकी आदि
महाराष्ट्र सामान्य ज्ञानइतिहास, संस्कृति, उत्सव, लोक नृत्य, प्रसिद्ध हस्तियाँ

एमपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम 2026

प्रारंभिक परीक्षा का पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन पर आधारित होता है। इसमें राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की वर्तमान घटनाएँ, भारतीय इतिहास विशेष रूप से महाराष्ट्र के संदर्भ में, भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज और शहरी शासन जैसे विषय शामिल होते हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र, भारत और विश्व का भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल, महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासन, जनसंख्या से जुड़े आंकड़े, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, सामान्य विज्ञान और महाराष्ट्र की कला, संस्कृति तथा प्रसिद्ध व्यक्तित्वों से जुड़े विषय भी शामिल होते हैं।

दूसरा प्रश्नपत्र सीएसएटी का होता है, जिसमें अभ्यर्थी की तार्किक क्षमता और विश्लेषणात्मक सोच का मूल्यांकन किया जाता है। इसमें मराठी और अंग्रेज़ी भाषा की समझ, तार्किक तर्क, डेटा व्याख्या, निर्णय क्षमता, समस्या समाधान और कक्षा दसवीं स्तर तक का बुनियादी गणित शामिल होता है।

Table: MPSC Syllabus 2026 श्रेणी

श्रेणीप्रमुख विषय
भाषा समझमराठी और अंग्रेज़ी समझ
तर्क क्षमतातार्किक तर्क, विश्लेषण
डेटा इंटरप्रिटेशनचार्ट, ग्राफ, सारणी
निर्णय क्षमतानिर्णय लेना, डेटा पर्याप्तता
समस्या समाधानमानसिक क्षमता, समस्या हल करना
अंकगणितसंख्या प्रणाली, अनुपात–समानुपात, HCF/LCM, औसत, समय–कार्य आदि

एमपीएससी मुख्य परीक्षा पैटर्न 2026

मुख्य परीक्षा चयन प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है। इसमें कुल 9 प्रश्नपत्र होते हैं। मराठी और अंग्रेज़ी भाषा के प्रश्नपत्र योग्यता निर्धारण के लिए होते हैं। निबंध, चार सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषय के दो प्रश्नपत्र मेरिट के लिए गिने जाते हैं। सभी प्रश्नपत्रों की अवधि तीन घंटे होती है और प्रश्नों का स्वरूप वर्णनात्मक होता है।

Table: MPSC Syllabus 2026 परीक्षा पैटर्न

क्रमविषय (Subject)अंक (Marks)प्रश्नपत्र का माध्यमअवधिप्रकार
1मराठी (Qualifying)300मराठी3 घंटेवर्णनात्मक
2अंग्रेज़ी (Qualifying)300अंग्रेज़ी3 घंटेवर्णनात्मक
3निबंध250मराठी/अंग्रेज़ी3 घंटेवर्णनात्मक
4General Studies I250मराठी/अंग्रेज़ी3 घंटेवर्णनात्मक
5General Studies II250मराठी/अंग्रेज़ी3 घंटेवर्णनात्मक
6General Studies III250मराठी/अंग्रेज़ी3 घंटेवर्णनात्मक
7General Studies IV250मराठी/अंग्रेज़ी3 घंटेवर्णनात्मक
8Optional Paper – I250मराठी/अंग्रेज़ी3 घंटेवर्णनात्मक
9Optional Paper – II250मराठी/अंग्रेज़ी3 घंटेवर्णनात्मक
Total1750

एमपीएससी मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम 2026

MPSC Syllabus 2026: मराठी भाषा के प्रश्नपत्र का उद्देश्य उम्मीदवार की मराठी गद्य को समझने और स्पष्ट रूप से विचार व्यक्त करने की क्षमता को परखना होता है। इसमें गद्यांश की समझ, सार लेखन, शब्दावली, लघु निबंध और अनुवाद से संबंधित प्रश्न होते हैं। यह प्रश्नपत्र योग्यता आधारित होता है।

अंग्रेज़ी भाषा का प्रश्नपत्र भी इसी प्रकार उम्मीदवार की अंग्रेज़ी भाषा की समझ और अभिव्यक्ति क्षमता का मूल्यांकन करता है और यह भी योग्यता परीक्षा होती है।

निबंध प्रश्नपत्र में दो खंड होते हैं, जिनमें से प्रत्येक खंड से एक विषय पर निबंध लिखना होता है। निबंध मराठी या अंग्रेज़ी में लिखा जा सकता है।

सामान्य अध्ययन के चारों प्रश्नपत्रों में इतिहास, संस्कृति, समाज, संविधान, शासन व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महत्व दिया गया है। पर्यावरण, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और नैतिकता जैसे विषयों को शामिल किया गया है जिनमें महाराष्ट्र को विशेष महत्व दिया गया है।

वैकल्पिक विषय के दो प्रश्नपत्र उम्मीदवार द्वारा चुने गए एक विषय पर आधारित होते हैं, जिनका स्तर स्नातक के समकक्ष होता है।

Mains MPSC Syllabus 2026 (नया) – आसान और समझने योग्य हिंदी में

एमपीएससी मुख्य परीक्षा 2026 का पाठ्यक्रम उन उम्मीदवारों के लिए बनाया गया है जो प्रशासनिक सेवा में जिम्मेदारी निभाने की क्षमता रखते हैं। यह परीक्षा केवल रटने की नहीं, बल्कि समझ, विश्लेषण और व्यावहारिक सोच की जांच करती है। MPSC Mains Syllabus में कुल 9 प्रश्नपत्र होते हैं – दो भाषा के, एक निबंध, चार सामान्य अध्ययन और दो वैकल्पिक विषय के।

MPSC Syllabus 2026 मुख्य परीक्षा – प्रश्नपत्रों की संरचना

मुख्य परीक्षा में निम्नलिखित प्रश्नपत्र शामिल होते हैं:

  • मराठी भाषा (योग्यता)
  • अंग्रेज़ी भाषा (योग्यता)
  • निबंध
  • सामान्य अध्ययन – 1
  • सामान्य अध्ययन – 2
  • सामान्य अध्ययन – 3
  • सामान्य अध्ययन – 4 (एथिक्स)
  • वैकल्पिक विषय – पेपर 1
  • वैकल्पिक विषय – पेपर 2

भाषा के दोनों प्रश्नपत्र Qualifying nature के होते हैं। इनके अंक मेरिट में नहीं जोड़े जाते, लेकिन इन्हें पास करना अनिवार्य है।

Marathi MPSC Syllabus 2026 – पेपर 1 (300 अंक)

इस प्रश्नपत्र का उद्देश्य यह देखना है कि अभ्यर्थी मराठी भाषा को कितनी अच्छी तरह समझता है और अपने विचार कितनी स्पष्टता से व्यक्त कर सकता है। यह पेपर किसी कठिन साहित्यिक ज्ञान की नहीं, बल्कि व्यावहारिक भाषा क्षमता की परीक्षा है।

इस पेपर में सामान्यतः निम्न प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं:

  • दिए गए गद्यांश को पढ़कर समझना और प्रश्नों के उत्तर देना
  • Precis Writing यानी लंबे पाठ को संक्षेप में लिखना
  • शब्द प्रयोग और शब्दावली से जुड़े प्रश्न
  • छोटे निबंध
  • अंग्रेज़ी से मराठी और मराठी से अंग्रेज़ी में अनुवाद

यह पेपर केवल योग्यता जांचने के लिए होता है। इसमें प्राप्त अंक रैंकिंग में नहीं जोड़े जाते, लेकिन इसमें न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य है।

English MPSC Syllabus 2026 – पेपर 2 (300 अंक)

अंग्रेज़ी भाषा का यह प्रश्नपत्र भी मराठी की तरह योग्यता आधारित है। इसका उद्देश्य यह जांचना है कि उम्मीदवार अंग्रेज़ी भाषा में लिखे गए गंभीर लेखन को समझ सकता है या नहीं और अपने विचार सही तरीके से व्यक्त कर सकता है।

इस पेपर में आमतौर पर ये प्रश्न होते हैं:

  • Comprehension passages
  • Precis Writing
  • Usage और Vocabulary
  • Short Essays

यह पेपर भी Qualifying होता है। इसके अंक मेरिट में नहीं गिने जाते।

Essay MPSC Syllabus 2026 – पेपर 3 (250 अंक)

निबंध पेपर उम्मीदवार की सोच, विश्लेषण क्षमता और अभिव्यक्ति शैली को दर्शाता है। यह पेपर दो भागों में होता है।

प्रत्येक भाग में चार-चार विषय दिए जाते हैं। उम्मीदवार को हर भाग से एक विषय चुनकर निबंध लिखना होता है। निबंध मराठी या अंग्रेज़ी, जिस माध्यम को आपने चुना है, उसी में लिखना अनिवार्य होता है।

निबंध में विषय की गहराई, उदाहरणों का सही उपयोग और संतुलित दृष्टिकोण बहुत महत्वपूर्ण होता है।

MPSC Syllabus 2026 General Studies 1 – पेपर 4 (250 अंक)

यह पेपर इतिहास, संस्कृति, समाज और भूगोल पर आधारित होता है, जिसमें महाराष्ट्र को विशेष महत्व दिया गया है।

इस पेपर में मुख्य रूप से निम्न विषय शामिल होते हैं:

  • भारतीय कला, साहित्य और वास्तुकला का विकास
  • भक्ति आंदोलन और विशेष रूप से महाराष्ट्र के संत परंपरा
  • आधुनिक भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम
  • स्वतंत्रता के बाद देश का एकीकरण और पुनर्गठन
  • विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएँ जैसे औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध
  • भारतीय समाज की विशेषताएँ और विविधता
  • महिलाओं की भूमिका, जनसंख्या, गरीबी और शहरीकरण
  • वैश्वीकरण का समाज पर प्रभाव
  • भौतिक भूगोल और प्राकृतिक संसाधन
  • भूकंप, चक्रवात, ज्वालामुखी जैसी प्राकृतिक घटनाएँ

MPSC Syllabus 2026 General Studies 2 – पेपर 5 (250 अंक)

यह पेपर शासन व्यवस्था, संविधान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर केंद्रित होता है। इसमें प्रशासनिक समझ को परखा जाता है।

मुख्य विषय हैं:

  • भारतीय संविधान का विकास, विशेषताएँ और संशोधन
  • केंद्र और राज्य सरकारों के बीच संबंध
  • संसद और राज्य विधानमंडल की कार्यप्रणाली
  • कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका
  • स्थानीय स्वशासन संस्थाएँ
  • संवैधानिक और वैधानिक निकाय
  • सरकारी नीतियाँ और कल्याणकारी योजनाएँ
  • सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा और गरीबी
  • सुशासन, पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस
  • भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध और वैश्विक संगठन

MPSC Syllabus 2026 General Studies 3 – पेपर 6 (250 अंक)

यह पेपर अर्थव्यवस्था, विज्ञान, पर्यावरण और आंतरिक सुरक्षा से संबंधित होता है।

इसमें शामिल विषय:

  • भारतीय अर्थव्यवस्था और विकास
  • कृषि, सिंचाई, MSP और खाद्य सुरक्षा
  • उद्योग, बुनियादी ढांचा और निवेश मॉडल
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारत की उपलब्धियाँ
  • पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता
  • आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन
  • आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद

MPSC Syllabus 2026 General Studies 4 – पेपर 7 (250 अंक)

यह पेपर उम्मीदवार के नैतिक मूल्यों और प्रशासनिक सोच को परखता है। इसमें केस स्टडी आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

मुख्य विषय हैं:

  • नैतिकता और मानव व्यवहार
  • मानवीय मूल्य और समाज
  • दृष्टिकोण और व्यवहार
  • सिविल सेवा के मूल मूल्य
  • भावनात्मक बुद्धिमत्ता
  • नैतिक दुविधाएँ और निर्णय क्षमता
  • शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही
  • भ्रष्टाचार और उसके समाधान

MPSC Syllabus 2026 साक्षात्कार

मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। इस चरण में उम्मीदवार के ज्ञान से अधिक उसके व्यक्तित्व, सोच, निर्णय क्षमता और प्रशासनिक दृष्टिकोण को परखा जाता है। समसामयिक घटनाओं की समझ और आत्मविश्वास इस चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

निष्कर्ष

एमपीएससी राज्यसेवा परीक्षा की तैयारी एक लंबी लेकिन सुनियोजित यात्रा है। यदि पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न की स्पष्ट समझ हो, तो यह सफर आसान हो जाता है। सही रणनीति, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के साथ आप अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर सकते हैं।