Essential MPSC syllabus exam pattern| Best एमपीएससी राज्य सेवा परीक्षा पाठ्यक्रम 2026

Table of Contents

MPSC syllabus exam pattern: भूमिका

MPSC syllabus exam pattern: हर युवा के जीवन में एक समय ऐसा आता है जब वह केवल अपने लिए नहीं बल्कि समाज और राज्य के लिए कुछ करने का सपना देखने लगता है। महाराष्ट्र के लाखों युवाओं के लिए एमपीएससी राज्य सेवा परीक्षा वही सपना है जो उन्हें प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने का अवसर देती है। यह परीक्षा केवल नौकरी नहीं देती बल्कि जिम्मेदारी सम्मान और सेवा का मार्ग खोलती है। कई उम्मीदवार वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं।

कई बार असफल होते हैं। फिर भी हार नहीं मानते क्योंकि उन्हें पता होता है कि एक दिन उनकी मेहनत रंग जरूर लाएगी। सही मार्गदर्शन सही पाठ्यक्रम और सही रणनीति के बिना यह सपना अधूरा रह सकता है। इसी कारण यह आवश्यक हो जाता है कि एमपीएससी के नवीनतम पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न को विस्तार से समझा जाए।

MPSC syllabus exam pattern

एमपीएससी क्या है

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग एक संवैधानिक संस्था है जिसका गठन महाराष्ट्र राज्य में प्रशासनिक सेवाओं के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करने के उद्देश्य से किया गया है। एमपीएससी राज्य सेवा परीक्षा के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर तहसीलदार पुलिस उप अधीक्षक नायब तहसीलदार और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति की जाती है। यह परीक्षा राज्य प्रशासन की आधारशिला मानी जाती है।

एमपीएससी परीक्षा का स्वरूप

MPSC syllabus exam pattern | एमपीएससी राज्य सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है। प्रत्येक चरण उम्मीदवार की अलग अलग क्षमताओं का परीक्षण करता है।

  • प्रारंभिक परीक्षा।
  • मुख्य परीक्षा।
  • साक्षात्कार।

प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद ही उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में प्रवेश कर सकता है। मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने पर साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।

MPSC syllabus exam pattern| एमपीएससी पाठ्यक्रम में नवीनतम बदलाव

एमपीएससी ने हाल के वर्षों में मुख्य परीक्षा के पैटर्न और पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा को अधिक विश्लेषणात्मक और प्रशासनिक दृष्टिकोण पर आधारित बनाना है। नया पैटर्न काफी हद तक यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के अनुरूप बनाया गया है।

अब मुख्य परीक्षा में छह के बजाय नौ प्रश्नपत्र होते हैं। पहले जहां मुख्य परीक्षा आठ सौ अंकों की होती थी अब यह सत्रह सौ पचास अंकों की हो गई है। मराठी और अंग्रेजी भाषा के प्रश्नपत्र अब केवल क्वालीफाइंग कर दिए गए हैं और इनके अंक अंतिम मेरिट सूची में नहीं जोड़े जाते हैं।

एमपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न

एमपीएससी प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार की होती है। इसमें कुल दो प्रश्नपत्र होते हैं और दोनों प्रश्नपत्र अनिवार्य होते हैं।

एमपीएससी प्रारंभिक परीक्षा विवरण तालिका

प्रश्नपत्रप्रश्नों की संख्याकुल अंकस्तरमाध्यमसमयप्रश्न प्रकार
पेपर एक100200स्नातकमराठी और अंग्रेजीदो घंटेवस्तुनिष्ठ
पेपर दो80200मिश्रितमराठी और अंग्रेजीदो घंटेवस्तुनिष्ठ

प्रारंभिक परीक्षा के अंक अंतिम मेरिट सूची में शामिल नहीं किए जाते हैं। यह परीक्षा केवल मुख्य परीक्षा के लिए पात्रता निर्धारित करती है।

प्रारंभिक परीक्षा में नकारात्मक अंकन

प्रारंभिक परीक्षा में गलत उत्तर देने पर नकारात्मक अंकन किया जाता है। प्रत्येक गलत उत्तर पर उस प्रश्न के कुल अंकों का एक चौथाई अंक काट लिया जाता है। यदि किसी प्रश्न में दो विकल्प चुने जाते हैं तो भी नकारात्मक अंकन लागू होता है। निर्णय आधारित कुछ प्रश्नों में नकारात्मक अंकन नहीं किया जाता है।

एमपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम | initial MPSC syllabus exam pattern

प्रारंभिक परीक्षा के पहले प्रश्नपत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाओं का अध्ययन किया जाता है। भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन शामिल होते हैं जिसमें महाराष्ट्र के योगदान को विशेष महत्व दिया गया है। इसके साथ ही भारत महाराष्ट्र और विश्व का भौतिक सामाजिक और आर्थिक भूगोल पढ़ाया जाता है।

भारतीय संविधान राजनीतिक व्यवस्था पंचायती राज शहरी प्रशासन और सार्वजनिक नीति जैसे विषय भी इसी पेपर का हिस्सा हैं। आर्थिक और सामाजिक विकास पर्यावरण पारिस्थितिकी जलवायु परिवर्तन और सामान्य विज्ञान भी शामिल हैं।

दूसरे प्रश्नपत्र में उम्मीदवार की तार्किक क्षमता निर्णय लेने की योग्यता सामान्य मानसिक क्षमता और बुनियादी गणितीय ज्ञान का परीक्षण किया जाता है। मराठी और अंग्रेजी भाषा की समझ से संबंधित प्रश्न भी इसी पेपर में पूछे जाते हैं।

एमपीएससी मुख्य परीक्षा नया पैटर्न | Main MPSC syllabus exam pattern

एमपीएससी मुख्य परीक्षा कुल नौ प्रश्नपत्रों की होती है। लिखित परीक्षा के कुल अंक सत्रह सौ पचास होते हैं और साक्षात्कार के लिए दो सौ पचहत्तर अंक निर्धारित हैं। इस प्रकार पूरी चयन प्रक्रिया दो हजार पच्चीस अंकों की होती है।

एमपीएससी मुख्य परीक्षा अंक वितरण | MPSC syllabus exam pattern Table

परीक्षा चरणकुल अंक
लिखित परीक्षा1750
साक्षात्कार275
कुल2025

एमपीएससी मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र विवरण

MPSC syllabus exam pattern Table

पेपरविषयअंकसमयस्तरमाध्यम
पेपर एकमराठी300तीन घंटेमैट्रिकमराठी
पेपर दोअंग्रेजी300तीन घंटेमैट्रिकअंग्रेजी
पेपर तीननिबंध250तीन घंटेस्नातकमराठी या अंग्रेजी
पेपर चारसामान्य अध्ययन एक250तीन घंटेस्नातकमराठी या अंग्रेजी
पेपर पांचसामान्य अध्ययन दो250तीन घंटेस्नातकमराठी या अंग्रेजी
पेपर छहसामान्य अध्ययन तीन250तीन घंटेस्नातकमराठी या अंग्रेजी
पेपर सातसामान्य अध्ययन चार250तीन घंटेस्नातकमराठी या अंग्रेजी
पेपर आठवैकल्पिक विषय एक250तीन घंटेस्नातकमराठी या अंग्रेजी
पेपर नौवैकल्पिक विषय दो250तीन घंटेस्नातकमराठी या अंग्रेजी

एमपीएससी मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम विवरण

निबंध प्रश्नपत्र में उम्मीदवार से अपेक्षा की जाती है कि वह विषय की गहरी समझ प्रदर्शित करे और अपने विचारों को तार्किक और संतुलित रूप में प्रस्तुत करे। निबंध विषय सामाजिक प्रशासनिक आर्थिक और नैतिक मुद्दों पर आधारित होते हैं।

सामान्य अध्ययन पहला प्रश्नपत्र भारतीय संस्कृति इतिहास समाज और भूगोल पर केंद्रित होता है। इसमें महाराष्ट्र के इतिहास और संत आंदोलन को विशेष महत्व दिया गया है।

सामान्य अध्ययन दूसरा प्रश्नपत्र संविधान शासन व्यवस्था राजनीति सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से संबंधित होता है। यह प्रश्नपत्र प्रशासनिक ढांचे की समझ को परखता है।

सामान्य अध्ययन तीसरा प्रश्नपत्र भारतीय अर्थव्यवस्था कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर्यावरण आपदा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों को कवर करता है।

सामान्य अध्ययन चौथा प्रश्नपत्र नैतिकता सत्यनिष्ठा और प्रशासनिक मूल्यों पर आधारित होता है। इसमें केस स्टडी के माध्यम से उम्मीदवार की निर्णय क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है।

वैकल्पिक विषय

मुख्य परीक्षा में उम्मीदवार को एक वैकल्पिक विषय चुनना होता है जिसके दो प्रश्नपत्र होते हैं। वैकल्पिक विषय का चयन सोच समझकर करना आवश्यक है क्योंकि इसका सीधा प्रभाव अंतिम रैंक पर पड़ता है।

एमपीएससी साक्षात्कार

मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। यह चरण व्यक्तित्व परीक्षण का होता है। इसमें उम्मीदवार की सोच आत्मविश्वास व्यवहार और प्रशासनिक दृष्टिकोण का मूल्यांकन किया जाता है।

एमपीएससी तैयारी रणनीति

एमपीएससी की तैयारी के लिए सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम को विस्तार से समझना आवश्यक है। समय प्रबंधन नियमित अध्ययन और उत्तर लेखन अभ्यास सफलता की कुंजी है। महाराष्ट्र से संबंधित विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए और वर्तमान घटनाओं की निरंतर जानकारी रखनी चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न

क्या एमपीएससी परीक्षा अंग्रेजी माध्यम में दी जा सकती है।

उत्तर
हां उम्मीदवार मराठी या अंग्रेजी किसी भी माध्यम का चयन कर सकते हैं।

प्रश्न

एमपीएससी और यूपीएससी में मुख्य अंतर क्या है।

उत्तर
यूपीएससी केंद्र सरकार की सेवाओं के लिए परीक्षा आयोजित करता है जबकि एमपीएससी महाराष्ट्र राज्य की सेवाओं के लिए।

निष्कर्ष

एमपीएससी राज्य सेवा परीक्षा (MPSC syllabus exam pattern) एक कठिन लेकिन सम्मानजनक यात्रा है। सही दिशा सही रणनीति और निरंतर मेहनत से यह सपना साकार किया जा सकता है।