Electric Vehicle Subsidy in India 2026: PM E DRIVE और State EV Schemes Best Explained

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Electric Vehicle Subsidy in India: भूमिका

Electric Vehicle Subsidy in India: आज भारत के शहर हों या छोटे कस्बे, हर जगह एक बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। लोग धीरे धीरे डीजल और पेट्रोल वाहनों से हटकर इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहे हैं। वजह सिर्फ बढ़ता प्रदूषण नहीं है बल्कि जेब पर पड़ने वाला सीधा फायदा भी है।
2025 में सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी योजनाओं ने EV को आम आदमी के लिए ज्यादा सुलभ और समझदारी भरा विकल्प बना दिया है। कम खरीद कीमत, टैक्स में छूट और रोजमर्रा के खर्चों में भारी कमी यही वजह है कि इलेक्ट्रिक वाहन अब भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान बन चुके हैं।

Electric Vehicle Subsidy in India

इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी क्या होती है

इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी का सीधा मतलब है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर EV की शुरुआती कीमत को कम करती हैं। इस आर्थिक सहायता से खरीदार को कई तरह के लाभ मिलते हैं।

Electric Vehicle Subsidy in India के मुख्य फायदे

• वाहन की खरीद कीमत पर सीधी छूट
• रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट या पूरी माफी
• रोड टैक्स से राहत
• लोन पर टैक्स लाभ

2025 में भारत सरकार की नीति पहले से ज्यादा स्पष्ट और प्रभावी हो चुकी है। केंद्र सरकार की योजना PM E Drive और राज्यों की अलग अलग EV नीतियां मिलकर EV खरीद को बेहद किफायती बना रही हैं।

PM E Drive | Electric Vehicle Subsidy in India योजना

PM E Drive केंद्र सरकार की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी योजना है। यह योजना इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों पर लागू होती है और वित्त वर्ष 2026 तक प्रभावी रहेगी।

सेक्शन 80EEB के तहत टैक्स लाभ

अगर आप इलेक्ट्रिक वाहन लोन लेकर खरीदते हैं तो आपको इनकम टैक्स में भी राहत मिलती है। सेक्शन 80EEB के अंतर्गत EV लोन के ब्याज पर 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिल सकती है।

कम GST का फायदा

इलेक्ट्रिक वाहनों पर केवल 5 प्रतिशत GST लगता है जबकि पेट्रोल या डीजल वाहनों पर यह दर कहीं ज्यादा होती है। यह अंतर वाहन की कीमत को काफी हद तक कम कर देता है।

राज्य सरकारों की Electric Vehicle Subsidy in India

केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकारें भी EV को बढ़ावा देने के लिए अलग अलग लाभ देती हैं।
इनमें शामिल हैं
• रोड टैक्स से पूरी छूट
• रजिस्ट्रेशन फीस माफ
• अतिरिक्त नकद प्रोत्साहन

कुछ राज्यों में कुल मिलाकर इलेक्ट्रिक कार पर 4 लाख रुपये तक और इलेक्ट्रिक स्कूटर पर 25000 रुपये तक की बचत संभव है।

Electric Vehicle Subsidy in India के लिए पात्रता कैसे पाएं

सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी है। अधिकतर काम अधिकृत डीलर ही पूरा करता है।

आवेदन की प्रक्रिया

  1. ऐसा इलेक्ट्रिक वाहन चुनें जो PM E Drive और राज्य नीति में पात्र हो
  2. डीलर द्वारा आधार आधारित e KYC कराया जाता है
  3. आपके मोबाइल या ईमेल पर e Voucher प्राप्त होता है
  4. सब्सिडी राशि सीधे बिल से घटा दी जाती है

जरूरी दस्तावेज

• आधार कार्ड
• पैन कार्ड
• पता प्रमाण
• वाहन का बिल और रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र

पात्रता की शर्तें

• वाहन बिल्कुल नया होना चाहिए
• लिथियम आयन बैटरी अनिवार्य
• अधिकृत OEM और डीलर से खरीदा गया हो
• सुरक्षा और परफॉर्मेंस मानकों पर खरा उतरे

PM E DRIVE योजना के लिए कौन पात्र है  

अगर आप इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं और मन में यह सवाल है कि क्या आपको PM E DRIVE योजना का लाभ मिलेगा या नहीं, तो आप अकेले नहीं हैं। बहुत से लोग यही जानना चाहते हैं कि क्या इलेक्ट्रिक वाहन पर सरकारी सब्सिडी मिल सकती है।
अच्छी खबर यह है कि PM E DRIVE योजना व्यक्तिगत खरीदारों के साथ साथ व्यवसायों और संस्थाओं को भी सपोर्ट करती है। बस कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होता है।

आइए सरल और साफ भाषा में समझते हैं कि इस योजना के अंतर्गत कौन कौन पात्र है।

1. इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन

अगर आप अपने लिए एक किफायती स्टाइलिश और पर्यावरण के अनुकूल सवारी चाहते हैं तो इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक आपके लिए बेहतरीन विकल्प हैं।
PM E DRIVE योजना के अंतर्गत ये पूरी तरह पात्र हैं लेकिन एक जरूरी शर्त के साथ।

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन में आधुनिक लिथियम आयन बैटरी होना अनिवार्य है।
लीड एसिड या पुराने बैटरी मॉडल इस योजना के तहत मान्य नहीं होते।

यह वाहन व्यक्तिगत उपयोग और व्यावसायिक उपयोग दोनों के लिए सब्सिडी के योग्य हैं।

लाभ का प्रकारविवरण
अधिकतम सब्सिडी5000 रुपये प्रति वाहन
बैटरी आधारित सब्सिडी2500 रुपये प्रति kWh
कीमत की सीमाएक्स शोरूम कीमत का 15 प्रतिशत तक

जरूरी बात
अगर आप पहली बार इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीद रहे हैं तो आप केवल एक ही वाहन पर सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं। इसलिए सोच समझकर चुनाव करें।

2. इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन

शहरों और कस्बों में अंतिम छोर की सवारी और डिलीवरी सेवाओं के लिए इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन बेहद लोकप्रिय हैं।
ई रिक्शा ई कार्ट और L5 कैटेगरी के वाहन PM E DRIVE योजना के अंतर्गत आते हैं।

योजना यात्री और माल ढोने वाले दोनों प्रकार के तिपहिया वाहनों को कवर करती है बशर्ते
• वाहन रजिस्टर्ड हो
• आधुनिक बैटरी तकनीक का इस्तेमाल किया गया हो

लाभ का प्रकारविवरण
बैटरी आधारित सब्सिडी10000 रुपये प्रति kWh
अधिकतम छूट1.5 लाख रुपये
कीमत सीमा15 लाख रुपये तक एक्स शोरूम

छोटे व्यापारी और व्यवसायी वर्ग के लिए यह योजना रोजमर्रा के काम को सस्ता और आसान बनाती है।

3. इलेक्ट्रिक बसें

शहरों में बढ़ते प्रदूषण और शोर को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसें एक मजबूत समाधान बनकर उभर रही हैं।
PM E DRIVE योजना के तहत राज्य परिवहन उपक्रम और सरकारी एजेंसियां इलेक्ट्रिक बसें खरीदने पर भारी सब्सिडी प्राप्त कर सकती हैं।

शहरी और अंतर शहर रूट पर चलने वाली सार्वजनिक बस सेवाओं के लिए यह योजना बेहद फायदेमंद है।

4. इलेक्ट्रिक ट्रक

आमतौर पर लोग ट्रकों को इलेक्ट्रिक वाहन से नहीं जोड़ते लेकिन शहरों में वायु प्रदूषण का बड़ा कारण यही होते हैं।
PM E DRIVE योजना माल परिवहन से जुड़े इलेक्ट्रिक ट्रकों को भी सब्सिडी प्रदान करती है।

अगर आपके पास सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट है तो आपको अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिल सकता है।

5. इलेक्ट्रिक एंबुलेंस

यह योजना का एक नया और बेहद सराहनीय कदम है।
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और स्वच्छ बनाने के लिए इलेक्ट्रिक एंबुलेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इसके लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये का अलग बजट रखा है।
इन एंबुलेंस में भी उन्नत बैटरी तकनीक और तकनीकी मानकों का पालन जरूरी है।

6. EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता

PM E DRIVE योजना केवल वाहनों तक सीमित नहीं है।
अगर आप EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का व्यवसाय कर रहे हैं तो आप भी इस योजना के पात्र हैं।

हाईवे शहरों और व्यावसायिक क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए सरकार वित्तीय सहायता देती है ताकि रेंज एंग्जायटी की समस्या खत्म हो सके।

7. MHI द्वारा मान्यता प्राप्त परीक्षण एजेंसियां

इलेक्ट्रिक वाहनों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण एजेंसियों की भूमिका अहम है।
भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंसियां अपनी तकनीकी सुविधाएं बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

PM E DRIVE | Electric Vehicle Subsidy in India के प्रमुख लाभ

यह योजना सिर्फ छूट नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की एक बड़ी पहल है।

1. सीधी सब्सिडी

PM E DRIVE योजना के अंतर्गत वाहन के प्रकार के अनुसार सब्सिडी मिलती है।

• इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पर 10000 रुपये तक
• उन्नत इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन पर 50000 रुपये तक
• बड़ी इलेक्ट्रिक बसों पर 35 लाख रुपये तक

सब्सिडी की राशि बैटरी क्षमता और वाहन श्रेणी पर निर्भर करती है।

2. e Voucher की सुविधा

लंबी फाइलें और जटिल फॉर्म भरने की जरूरत नहीं।
डीलर द्वारा आधार सत्यापन के बाद तुरंत e Voucher मोबाइल पर भेज दिया जाता है।

3. इलेक्ट्रिक एंबुलेंस और ट्रक को विशेष समर्थन

सरकार ने इलेक्ट्रिक एंबुलेंस और ट्रकों के लिए अलग से 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
इससे शहरों में कम शोर और शून्य उत्सर्जन वाले वाहन बढ़ेंगे।

4. इलेक्ट्रिक बस खरीद को बढ़ावा

शहरी परिवहन के लिए 14000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी।
इसके लिए 4391 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।

5. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

चार्जिंग सुविधा को मजबूत करने के लिए
• 48400 चार्जर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए
• 22100 चार्जर चार पहिया वाहनों के लिए
• 1800 हाई पावर चार्जर इलेक्ट्रिक बसों के लिए

Electric Vehicle Subsidy in India का वास्तविक विवरण

नीचे दी गई तालिका से आप आसानी से समझ सकते हैं कि किस वाहन पर कितनी सब्सिडी मिलती है।

वाहन का प्रकारसब्सिडी दरअधिकतम सीमा
इलेक्ट्रिक दोपहिया5000 रुपये प्रति kWh10000 रुपये
इलेक्ट्रिक तिपहिया5000 रुपये प्रति kWh50000 रुपये
इलेक्ट्रिक बस10000 रुपये प्रति kWh35 लाख रुपये

महत्वपूर्ण सूचना
वित्त वर्ष 2025 से 2026 में सब्सिडी की दरें आधी हो सकती हैं। इसलिए यदि आप इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यही सबसे सही समय है।

PM E DRIVE योजना में आवेदन कैसे करें

इलेक्ट्रिक वाहन पर सब्सिडी पाने की प्रक्रिया अब पहले जैसी जटिल नहीं रही। PM E DRIVE योजना को पूरी तरह डिजिटल और आम लोगों के लिए सरल बनाया गया है। नीचे दिए गए स्टेप्स को पढ़कर आप आसानी से समझ सकते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी कैसे प्राप्त की जाती है।

स्टेप 1: पात्र इलेक्ट्रिक वाहन खरीदें

सबसे पहले किसी अधिकृत EV डीलर के पास जाएं और यह सुनिश्चित करें कि जो इलेक्ट्रिक वाहन आप खरीद रहे हैं, वह PM E DRIVE योजना के अंतर्गत पात्र हो। डीलर आपको सही मॉडल चुनने में मार्गदर्शन करेगा।

स्टेप 2: आधार आधारित e KYC

वाहन खरीदने के बाद डीलर PM E DRIVE पोर्टल पर आपकी पहचान सत्यापित करता है।
यह प्रक्रिया आधार से जुड़ी फेस रिकग्निशन तकनीक के माध्यम से होती है।
आपको कहीं जाने या अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होती।

स्टेप 3: e Voucher प्राप्त करें

सत्यापन पूरा होते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक e Voucher भेजा जाता है।
यह e Voucher इस बात का प्रमाण होता है कि आप इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी के लिए पात्र हैं।

स्टेप 4: बिल में तुरंत छूट

डीलर इस सब्सिडी राशि को सीधे आपके वाहन के बिल से घटा देता है।
आपको पूरी कीमत पहले चुकाने या रिफंड का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती।

स्टेप 5: OEM को भुगतान की प्रक्रिया

इस पूरी प्रक्रिया के बाद वाहन निर्माता यानी OEM सरकार से सब्सिडी की राशि क्लेम करता है।
यह प्रक्रिया आपके लिए पूरी तरह तनाव मुक्त होती है क्योंकि सभी औपचारिकताएं डीलर और कंपनी खुद संभालते हैं।

PM E DRIVE योजना के तहत EV सब्सिडी कैसे क्लेम होती है

Electric Vehicle Subsidy in India योजना के अंतर्गत सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है।

जब आप इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते हैं, तो डीलर उसे संबंधित RTO में रजिस्टर करता है। इसी दौरान PM E DRIVE पोर्टल के माध्यम से आपके लिए एक e Voucher जनरेट किया जाता है। इस वाउचर में एक यूनिक आईडी होती है, जो आपकी सब्सिडी के लिए सबसे अहम होती है।

इसके बाद डीलर आधिकारिक PM E DRIVE ऐप के जरिए आधार आधारित फेस वेरिफिकेशन करता है। सत्यापन पूरा होते ही आपके मोबाइल नंबर पर e Voucher डाउनलोड करने का लिंक भेज दिया जाता है।

आपको इस e Voucher को ध्यान से जांचना होता है और डिजिटल रूप से साइन करके डीलर को वापस देना होता है।
डीलर भी अपनी साइन करके इसे दोबारा PM E DRIVE पोर्टल पर अपलोड करता है।
साइन किया हुआ वाउचर आपको और डीलर दोनों को SMS के जरिए मिल जाता है, ताकि भविष्य में रिकॉर्ड बना रहे।

यही साइन किया हुआ e Voucher OEM के लिए जरूरी दस्तावेज होता है, जिसके आधार पर वह सरकार से इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी की राशि प्राप्त करता है।

PM E DRIVE योजना का उद्देश्य

Electric Vehicle Subsidy in Indiaयोजना का मकसद सिर्फ सब्सिडी देना नहीं है, बल्कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को मजबूत बनाना है।
डिमांड आधारित प्रोत्साहनों के जरिए यह योजना देश में बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना चाहती है।

इस योजना के तहत सरकार का लक्ष्य है
• 25 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन
• 3 लाख इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन
• 14 हजार इलेक्ट्रिक बसें

यह पहल न केवल आम नागरिकों की जेब के लिए फायदेमंद है, बल्कि भारत को स्वच्छ और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाने में भी अहम भूमिका निभाती है।

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के आर्थिक फायदे

सब्सिडी के अलावा भी EV आपको लंबे समय में बड़ी बचत दिलाता है।

ईंधन खर्च में भारी कमी

इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने की लागत पेट्रोल और डीजल की तुलना में बेहद कम होती है।
एक इलेक्ट्रिक बाइक मालिक सालाना 25000 से 40000 रुपये तक की बचत कर सकता है।

कम मेंटेनेंस खर्च

EV में कम पुर्जे होते हैं।
तेल बदलने क्लच स्पार्क प्लग जैसी चीजों की जरूरत नहीं होती।
इससे सर्विस खर्च काफी कम हो जाता है।

टैक्स और रजिस्ट्रेशन में बचत

ज्यादातर राज्यों में EV पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं देना पड़ता।
यह एक बार की बड़ी बचत होती है।

कम इंश्योरेंस प्रीमियम

कम मैकेनिकल पार्ट्स की वजह से भविष्य में EV बीमा और सस्ता होने की संभावना है।

निष्कर्ष

2025 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना केवल पर्यावरण के लिए अच्छा कदम नहीं बल्कि आर्थिक रूप से भी बेहद फायदेमंद फैसला है।
Electric Vehicle Subsidy in India टैक्स छूट कम ईंधन खर्च और मेंटेनेंस की बचत मिलकर EV को लंबी अवधि में सबसे किफायती विकल्प बनाते हैं।
अगर आप ई रिक्शा ई ट्रक या अन्य इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो भरोसेमंद और अधिकृत निर्माताओं का चुनाव करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. इलेक्ट्रिक वाहन की सब्सिडी किस आधार पर तय होती है

सब्सिडी मुख्य रूप से बैटरी की क्षमता पर निर्भर करती है। PM E Drive योजना के तहत दोपहिया वाहनों पर 2500 रुपये प्रति kWh की दर लागू होती है।

2. क्या केंद्र और राज्य दोनों की सब्सिडी मिल सकती है

हां पात्र वाहन खरीदने पर केंद्र और राज्य दोनों की सब्सिडी का लाभ लिया जा सकता है।

3. इलेक्ट्रिक कार पर अधिकतम कितनी छूट मिल सकती है

कुछ राज्यों में कुल मिलाकर इलेक्ट्रिक कार पर 4 लाख रुपये तक की शुरुआती छूट संभव है।

अस्वीकरण

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। सब्सिडी की राशि पात्रता और नियम राज्य और समय के अनुसार बदल सकते हैं। वाहन खरीदने से पहले संबंधित अधिकृत डीलर या सरकारी पोर्टल से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।