Interest Subvention Scheme कर्नाटक इंटरेस्ट सबवेंशन योजना 2026-27: पात्रता, लाभ, ऋण राशि, ब्याज सब्सिडी और Proven आवेदन प्रक्रिया

Interest Subvention Scheme

Interest Subvention Scheme का परिचय

Interest Subvention Scheme को Government of Karnataka द्वारा राज्य में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह योजना विशेष रूप से नई तथा मौजूदा लाभ में चल रही (profit-making) माइक्रो और स्मॉल मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों, साथ ही मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी सहायक गतिविधियों (manufacturing-allied activities) में संलग्न उद्यमों के लिए लागू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे उद्यमों को पूंजी निवेश (capital investment) के लिए संस्थागत ऋण (institutional credit) उचित और वहनीय ब्याज दरों पर उपलब्ध हो सके, जिससे वे अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा सकें और प्रतिस्पर्धी बन सकें।

इस योजना का क्रियान्वयन राज्य में Karnataka State Financial Corporation (KSFC) के माध्यम से किया जाता है, जो पात्र उद्यमों को ऋण स्वीकृत करता है तथा सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली ब्याज सब्सिडी को लागू करने की जिम्मेदारी निभाता है। इस प्रकार, योजना उद्योगों को वित्तीय बोझ से राहत देते हुए राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास में योगदान देती है।

Interest Subvention Scheme लाभ (Benefits)

Interest Subvention Scheme ऋण की राशि (Amount of Loan)

इस योजना के अंतर्गत पात्र उद्यमों को दिए जाने वाले ऋण की न्यूनतम सीमा ₹5.00 लाख निर्धारित की गई है, जिससे छोटे स्तर के उद्यम भी इस योजना का लाभ उठा सकें। वहीं, माइक्रो और स्मॉल मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए ऋण की अधिकतम सीमा ₹500.00 लाख तक रखी गई है, ताकि वे भवन निर्माण, मशीनरी स्थापना और उत्पादन विस्तार जैसी बड़ी पूंजीगत आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।

इसके अतिरिक्त, मैन्युफैक्चरिंग और उससे संबद्ध सेवा गतिविधियों में लगे उद्यमों को उत्पादन से सीधे संबंधित भवन तथा प्लांट और मशीनरी (gross block of plant and machinery) के लिए अधिकतम ₹200.00 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। यदि किसी इकाई द्वारा ली गई ऋण राशि इन निर्धारित सीमाओं से अधिक होती है, तो उस अतिरिक्त राशि पर सामान्य संविदात्मक (contract) ब्याज दर लागू होगी, जिस पर किसी प्रकार की ब्याज सब्सिडी नहीं दी जाएगी।

Interest Subvention Scheme ब्याज दर (Rate of Interest)

KSFC द्वारा इस योजना के अंतर्गत ऋण प्रचलित संविदात्मक ब्याज दर (prevailing contract rate of interest) पर स्वीकृत किया जाता है, और प्रारंभिक रूप से उद्यमी को उसी दर पर ब्याज का भुगतान करना होता है। हालांकि, योजना के तहत ब्याज सबवेंशन (Interest Subvention) का लाभ तभी दिया जाता है, जब लाभार्थी उद्यम KSFC से लिए गए सभी ऋणों की किश्तों का नियमित और समय पर भुगतान करता है।

सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली ब्याज सब्सिडी की दर 5.5% प्रति वर्ष है, जिसे कर्नाटक सरकार KSFC को प्रतिपूर्ति (reimburse) करती है। इस प्रकार, लाभार्थी द्वारा प्रभावी रूप से चुकाई जाने वाली ब्याज दर, संविदात्मक ब्याज दर और 5.5% ब्याज सबवेंशन के बीच का अंतर होती है, जिससे ऋण की कुल लागत में उल्लेखनीय कमी आती है और उद्यम की वित्तीय स्थिरता मजबूत होती है।

ब्याज सब्सिडी की अवधि (Interest Subsidy / Subvention Period)

इस योजना के अंतर्गत कोई भी पात्र औद्योगिक इकाई ऋण की पहली किस्त (first disbursement) की तिथि से लगातार 5 वर्षों तक ब्याज सब्सिडी प्राप्त करने की हकदार होती है। यह सुविधा तब भी उपलब्ध रहती है, जब ऋण की कुल पुनर्भुगतान अवधि (repayment period) पाँच वर्षों से अधिक हो। अर्थात्, चाहे ऋण चुकाने की अवधि लंबी क्यों न हो, ब्याज सबवेंशन का लाभ अधिकतम पाँच वर्षों तक ही सीमित रहेगा।

  • Interest Subvention Scheme पात्रता (Eligibility)
  • इस Interest Subvention Scheme के अंतर्गत वे सभी उद्यम पात्र माने जाते हैं, जिन्हें किसी भी श्रेणी के उधारकर्ताओं द्वारा प्रवर्तित किया गया हो, चाहे वे एकल स्वामित्व (Proprietary Concerns), पार्टनरशिप फर्म, कंपनियाँ या अन्य किसी भी प्रकार की कानूनी इकाइयाँ (Legal Entities) क्यों न हों।
  • यह योजना विशेष रूप से नए उद्यमों द्वारा किए गए नए निवेशों तथा मौजूदा उद्यमों द्वारा विस्तार (Expansion), विविधीकरण (Diversification), आधुनिकीकरण (Modernization) और प्रौद्योगिकी उन्नयन (Technology Up-gradation) के उद्देश्य से किए गए निवेशों पर लागू होती है, बशर्ते ये निवेश सीधे उत्पादन से संबंधित भवन, प्लांट और मशीनरी में किए गए हों और उन्हें Gross Block of Plant and Machinery के अंतर्गत माना गया हो।
  • हालाँकि, इस योजना के तहत KIADB, KSSIDC या किसी अन्य सरकारी एजेंसी से भूमि की खरीद के लिए ब्याज सब्सिडी का लाभ उपलब्ध नहीं है।
  • इसके अतिरिक्त, वे इकाइयाँ जिन्होंने पहले ही कर्नाटक सरकार या भारत सरकार की किसी अन्य योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर लिया है, वे इस योजना के अंतर्गत पुनः ब्याज सब्सिडी प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होंगी।
  • पात्र उद्यमों को ऋण की पहली किस्त (First Disbursement) की तिथि से अधिकतम पाँच वर्षों की अवधि तक 5.5% प्रतिवर्ष ब्याज सबवेंशन का लाभ दिया जाएगा, भले ही ऋण की कुल पुनर्भुगतान अवधि पाँच वर्षों से अधिक क्यों न हो।
  • इस योजना के अंतर्गत जिन औद्योगिक गतिविधियों को शामिल किया गया है, उनमें कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण (Agro & Food Processing), टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल्स, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, पेपर एवं पेपर उत्पाद, प्रिंटिंग एवं पब्लिशिंग, दूरसंचार, सॉफ्टवेयर एवं आईटी से संबंधित गतिविधियाँ, तथा लकड़ी आधारित उद्योग (Wood-based Activities) शामिल हैं।

Interest Subvention Scheme नियम और शर्तें

इस योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति से संबंधित सभी नियम और शर्तें, जैसे कि प्रवर्तक का अंशदान (Promoter’s Contribution), Debt Equity Ratio (DER), सुरक्षा आवश्यकताएँ (Security Requirement), तथा परियोजना की व्यवहार्यता (Project Viability), पूर्णतः Karnataka State Financial Corporation (KSFC) की प्रचलित ऋण नीति के अनुसार सुनिश्चित की जाएँगी। इसका तात्पर्य यह है कि ब्याज सब्सिडी का लाभ केवल उन्हीं परियोजनाओं को मिलेगा, जो वित्तीय, तकनीकी और वाणिज्यिक दृष्टि से व्यवहार्य पाई जाएँगी।

Interest Subvention Scheme अपवर्जन (Exclusions)

  • इस Interest Subvention Scheme के अंतर्गत कुछ विशेष प्रकार के उद्यमों और गतिविधियों को स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है। इनमें वे उद्यम शामिल हैं, जिन्हें SC/ST या महिला उद्यमियों द्वारा प्रवर्तित किया गया हो और जिन्होंने पहले से ही राज्य या केंद्र सरकार की किसी अन्य योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी का लाभ प्राप्त किया हो।
  • इसके अतिरिक्त, अन्य बैंकों, NBFCs, NSIC, निजी वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋणों का पुनर्वित्तपोषण (Refinancing) या टेकओवर, अथवा KSFC से पहले से लिए गए ऋणों का रूपांतरण भी इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
  • साथ ही, सभी प्रकार की अवसंरचना परियोजनाएँ, जैसे कि कल्याण मंडप, होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, अस्पताल, नर्सिंग होम, आवासीय एवं वाणिज्यिक भवन, तथा Commercial Real Estate (CRE) से संबंधित परियोजनाएँ इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं हैं।
  • इसके अलावा, व्यापारिक या ट्रेडिंग गतिविधियाँ, मॉल, सिनेमा हॉल, परिवहन वाहन, निर्माण उपकरण, और वे औद्योगिक गतिविधियाँ जो कर्नाटक औद्योगिक नीति 2020–25 या उसके बाद लागू किसी भी औद्योगिक नीति के अंतर्गत प्रोत्साहन के लिए अयोग्य घोषित की गई हों, उन्हें भी इस योजना से बाहर रखा गया है।
  • सामान्य रूप से, विनिर्माण (Manufacturing) के अतिरिक्त कोई भी ऐसी गतिविधि जो विशेष रूप से योजना में उल्लिखित न हो, वह इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं मानी जाएगी।

Interest Subvention Scheme ग्रॉस ब्लॉक (Gross Block) की परिभाषा

इस Interest Subvention Scheme के संदर्भ में Gross Block से आशय उत्पादन गतिविधियों में प्रयुक्त सभी मौजूदा मशीनरी के मूल क्रय मूल्य या चालान मूल्य से है, जिसमें स्वयं द्वारा खरीदी गई मशीनरी, बैंक या KSFC द्वारा वित्तपोषित मशीनरी, तथा प्रस्तावित नई मशीनरी शामिल होती है, बशर्ते कुल मूल्य ₹500.00 लाख की सीमा के भीतर हो, जैसा कि MSMED Act, 2006 के अंतर्गत लघु उद्योग की परिभाषा में निर्धारित किया गया है।

Interest Subvention Scheme आवेदन प्रक्रिया (Application Process – Offline)

  • इस Interest Subvention Scheme के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑफलाइन है।
  • इच्छुक आवेदक को कार्यालय समय के दौरान KSFC की संबंधित शाखा कार्यालय में जाकर वहाँ नियुक्त कर्मचारी से निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी प्राप्त करनी होती है।
  • आवेदन पत्र में सभी अनिवार्य विवरण सावधानीपूर्वक भरने के बाद, आवश्यक दस्तावेज़ों की प्रतियाँ (जहाँ आवश्यक हो, स्वप्रमाणित) संलग्न करनी होती हैं।
  • पूरा भरा और हस्ताक्षरित आवेदन पत्र संबंधित शाखा कार्यालय में जमा करने के पश्चात, आवेदक को संबंधित अधिकारी से रसीद या प्राप्ति-पावती (Acknowledgement) अवश्य प्राप्त करनी चाहिए, जिसमें आवेदन जमा करने की तिथि, समय और यदि लागू हो तो एक विशिष्ट पहचान संख्या अंकित हो, ताकि भविष्य में आवेदन की स्थिति का संदर्भ लिया जा सके।

Interest Subvention Scheme आवश्यक दस्तावेज़ (Documents Required)

  • इस Interest Subvention Scheme के अंतर्गत आवेदन करते समय उद्यमी को अपनी पहचान और उद्यम की वैधता सिद्ध करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होते हैं।
  • इनमें पासपोर्ट आकार का फोटो, उद्यम का पंजीकरण प्रमाण पत्र, और PAN कार्ड शामिल हैं।
  • यदि आवेदक किसी मौजूदा इकाई का विस्तार कर रहा है, तो उसे ऑडिटेड वित्तीय विवरण (Audited Financial Statements) भी प्रस्तुत करने होते हैं।
  • इसके अतिरिक्त, ऋण वितरण (Loan Disbursement) के लिए आवश्यक बैंक खाता विवरण देना अनिवार्य होता है, तथा KSFC द्वारा ऋण प्रक्रिया के दौरान मांगे गए अन्य अतिरिक्त दस्तावेज़ भी प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।

निष्कर्ष

कर्नाटक सरकार की Interest Subvention Scheme राज्य में सूक्ष्म एवं लघु विनिर्माण उद्यमों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना न केवल नए उद्यमों को स्थापित होने में सहायता करती है, बल्कि पहले से लाभ में चल रही इकाइयों को भी अपने उत्पादन, अधोसंरचना और तकनीकी क्षमता के विस्तार के लिए प्रोत्साहित करती है। ब्याज दर में 5.5% प्रतिवर्ष की सब्सिडी प्रदान कर यह योजना ऋण की वास्तविक लागत को कम करती है, जिससे उद्यमियों पर वित्तीय बोझ घटता है और वे दीर्घकालिक रूप से स्थिर एवं प्रतिस्पर्धी बन पाते हैं। कुल मिलाकर, यह योजना औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने में सहायक सिद्ध होती है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए प्रस्तुत की गई है। योजना से संबंधित नियम, पात्रता शर्तें, ब्याज दरें, ऋण सीमा एवं अन्य प्रावधान समय-समय पर कर्नाटक सरकार या संबंधित वित्तीय संस्था द्वारा परिवर्तित किए जा सकते हैं। किसी भी प्रकार का आवेदन करने या वित्तीय निर्णय लेने से पहले, लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक अधिसूचना, दिशानिर्देश अथवा संबंधित प्राधिकरण (जैसे KSFC) से नवीनतम और प्रमाणिक जानकारी अवश्य प्राप्त करें। इस सामग्री के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक या प्रदाता उत्तरदायी नहीं होगा।