
परिचय
भारत में लंबे समय तक किसानों की सबसे बड़ी समस्या रही है सीमित बाजार, बिचौलियों की भूमिका और पारदर्शिता की कमी। इसी चुनौती को दूर करने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) की शुरुआत की।
यह पहल किसानों को सिर्फ अपने नजदीकी मंडी तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें पूरे देश के खरीदारों से डिजिटल रूप से जोड़ती है, जिससे सही दाम, पारदर्शिता और भरोसा सुनिश्चित होता है।
राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) क्या है?
e-NAM एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है, जो देश की मौजूदा APMC मंडियों को एक साझा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जोड़ता है।
इसका उद्देश्य है “एक राष्ट्र, एक कृषि बाजार” की अवधारणा को साकार करना।
इस योजना को 14 अप्रैल 2016 को नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था।
कार्यान्वयन एजेंसी और मंत्रालय
- कार्यान्वयन संस्था: Small Farmers Agribusiness Consortium (SFAC)
- संबंधित मंत्रालय: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
e-NAM की प्रमुख विशेषताएं
- APMC मंडियों का इलेक्ट्रॉनिक एकीकरण
- ई-बिडिंग (Electronic Bidding)
- ई-भुगतान (Direct e-Payment to Farmers)
- AI आधारित गुणवत्ता परीक्षण (Assaying)
- एक ही प्लेटफॉर्म पर
- फसल आगमन
- बोली
- गुणवत्ता रिपोर्ट
- भुगतान
e-NAM के मुख्य उद्देश्य
- कृषि बाजारों का राष्ट्रीय स्तर पर एकीकरण
- APMC मंडियों में मानकीकृत ट्रेडिंग प्रक्रिया
- किसानों को बेहतर मूल्य खोज (Price Discovery)
- गुणवत्ता आधारित बोली को बढ़ावा
- उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और स्थिर कीमत
e-NAM के लाभ
1. किसानों के लिए लाभ
- देशभर के खरीदारों तक पहुंच
- मांग और आपूर्ति के आधार पर रियल-टाइम कीमतें
- बोली और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता
- प्रतिस्पर्धा के कारण बेहतर मूल्य
- सीधे बैंक खाते में ऑनलाइन भुगतान
- मंडियों में मुफ्त गुणवत्ता परीक्षण
- जानकारी की असमानता में कमी
2. मंडियों (APMC/RMC) के लिए लाभ
- प्रति मंडी ₹30 लाख तक का एकमुश्त अनुदान
- मुफ्त e-NAM सॉफ्टवेयर (राज्य अनुसार कस्टमाइजेशन)
- एक वर्ष के लिए सहायक स्टाफ की सुविधा
- कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस को सब-यार्ड के रूप में उपयोग
- अवसंरचना सहायता
- ई-नीलामी हॉल
- गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला
- इलेक्ट्रॉनिक तौल पुल
- प्रशिक्षण सुविधाएं
3. राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए लाभ
राज्य/यूटी को केंद्र से वित्तीय सहायता तभी मिलती है जब वे APMC सुधार लागू करें, जैसे
- पूरे राज्य के लिए एकल ट्रेडिंग लाइसेंस
- एकल बाजार शुल्क
- ई-ट्रेडिंग का कानूनी प्रावधान
इसके अतिरिक्त
- मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिए सहायता
- प्रशिक्षण और विवाद समाधान प्रणाली
- अधिक मंडियों को e-NAM से जोड़ने में सहयोग
जम्मू-कश्मीर में e-NAM
मई 2020 से जम्मू-कश्मीर में 11 मंडियों को e-NAM से जोड़ा गया है, जिनमें
- नरवाल (जम्मू)
- परिमपोरा (श्रीनगर)
प्रमुख हैं। इससे क्षेत्रीय किसानों को राष्ट्रीय बाजार से सीधा जुड़ाव मिला है।
e-NAM क्यों है गेम चेंजर?
- बिचौलियों की भूमिका कम होती है
- किसान सूचित निर्णय ले पाते हैं
- कृषि विपणन में डिजिटल पारदर्शिता आती है
- कृषि क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी और आधुनिक बनता है
Eligibility (पात्रता शर्तें)
State / Union Territory के लिए पात्रता
किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश को e-NAM योजना से जुड़ने और केंद्र सरकार से एकमुश्त वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपने कृषि विपणन ढांचे में आवश्यक सुधार लागू करने होते हैं। इसके अंतर्गत राज्य को यह सुनिश्चित करना होता है कि पूरे राज्य में एक ही Single Trading License लागू हो, जो सभी APMC मंडियों में मान्य हो और जिसे कानून या कार्यकारी आदेश के माध्यम से जारी किया गया हो। इस प्रक्रिया को सरल और उदार बनाना आवश्यक है, ताकि लाइसेंस प्राप्त करने में अत्यधिक सुरक्षा राशि, मात्रा संबंधी प्रतिबंध या अनिवार्य खरीद केंद्र जैसी बाधाएँ न हों।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार को Single-Point Levy of Market Fee की व्यवस्था करनी होती है, जिसके अंतर्गत किसी भी कृषि उपज पर केवल पहली थोक बिक्री (first wholesale transaction) के समय ही मंडी शुल्क लगाया जाए। इसके बाद उसी उपज पर होने वाले किसी भी अन्य थोक लेन-देन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए, ताकि व्यापार लागत कम हो और पारदर्शिता बढ़े।
तीसरी अनिवार्य शर्त यह है कि राज्य को e-Auction और e-Trading को कानूनी मान्यता प्रदान करनी होती है। इसके लिए APMC Act में आवश्यक संशोधन या कार्यकारी प्रावधान किए जाते हैं, जिससे ऑनलाइन बोली और डिजिटल ट्रेडिंग को मूल्य खोज (price discovery) का वैध माध्यम माना जा सके।
जब कोई राज्य या केंद्र शासित प्रदेश इन तीनों मूलभूत सुधारों को पूरा कर लेता है, तो वह e-NAM के अंतर्गत ₹30 लाख तक की एकमुश्त केंद्रीय अनुदान राशि प्राप्त करने के लिए पात्र हो जाता है, जिसका उपयोग हार्डवेयर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, गुणवत्ता परीक्षण (assaying) उपकरण और अन्य आवश्यक बुनियादी ढाँचे के विकास में किया जाता है।
इसके साथ-साथ राज्य सरकार को यह प्रतिबद्धता भी देनी होती है कि प्रस्तावित मंडियों में चयनित कृषि जिंसों का शत-प्रतिशत व्यापार e-NAM प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा, मंडियों को Soil Testing Laboratories (STLs) से जोड़ा जाएगा, स्वीकृत राशि से अधिक आने वाली लागत स्वयं वहन की जाएगी, तथा पाँच वर्षों के बाद सॉफ्टवेयर के रखरखाव का खर्च भी राज्य सरकार द्वारा उठाया जाएगा। इसके अलावा, implementing agency को PFMS पोर्टल पर पंजीकरण कराना और आवश्यक बैंक विवरण विभाग को उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होता है।
यदि किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में APMC Act मौजूद नहीं है या प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया है, तो उसे किसी उपयुक्त संस्था की पहचान करनी होती है और e-Trading को सक्षम बनाने के लिए व्यापारी पंजीकरण, लेन-देन के नियम और आवश्यक अवसंरचना से संबंधित लागू करने योग्य दिशानिर्देश तैयार करने होते हैं।
Private Markets के लिए पात्रता
यदि कोई निजी मंडी e-NAM से जुड़ना चाहती है, तो उसे संबंधित सक्षम प्राधिकरण की सिफारिश प्राप्त करनी होती है। इसके साथ-साथ उस निजी बाजार को assaying facilities, विश्लेषक (analyst), तकनीकी संसाधन और अन्य आवश्यक सेवाएँ अपने स्वयं के खर्च पर उपलब्ध करानी होती हैं, ताकि डिजिटल ट्रेडिंग सुचारू रूप से संचालित की जा सके।
Application / Registration Process (आवेदन प्रक्रिया)
Farmers (किसानों) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया
- e-NAM प्लेटफॉर्म पर किसान पंजीकरण पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।
- इसके लिए किसान को आधिकारिक वेबसाइट www.enam.gov.in पर जाकर “Registration Type” में “Farmer” विकल्प चुनना होता है और अपनी इच्छित APMC मंडी का चयन करना होता है।
- पंजीकरण के दौरान किसान को एक वैध ई-मेल आईडी प्रदान करनी होती है, जिस पर लॉगिन आईडी और अस्थायी पासवर्ड भेजा जाता है।
- सफल लॉगिन के बाद किसान को डैशबोर्ड पर दिखाई देने वाले “Click here to register with APMC” लिंक पर क्लिक कर अपनी व्यक्तिगत और KYC से संबंधित जानकारी भरनी होती है।
- आवेदन पूरा होने के बाद यह संबंधित APMC को अनुमोदन के लिए भेज दिया जाता है।
- आवेदन की स्थिति Submitted, In Progress, Approved या Rejected के रूप में देखी जा सकती है।
- APMC से स्वीकृति मिलने के बाद किसान को स्थायी e-NAM Farmer Login ID और पासवर्ड प्रदान किया जाता है, जिससे वह प्लेटफॉर्म की सभी सेवाओं का लाभ उठा सकता है।
- इसके अतिरिक्त, किसान चाहें तो अपनी नज़दीकी मंडी या APMC कार्यालय से भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
Traders (व्यापारियों) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया
- व्यापारियों के लिए e-NAM पर पंजीकरण की प्रक्रिया भी ऑनलाइन है, जिसके लिए उन्हें निर्धारित लिंक पर जाकर “Registration Type” में “Trader” विकल्प चुनना होता है।
- पंजीकरण के समय व्यापारी को अपना पासपोर्ट साइज फोटो, वैध ई-मेल आईडी और संबंधित APMC या राज्य-स्तरीय विकल्प का चयन करना होता है।
- प्रारंभिक लॉगिन के बाद व्यापारी को अपने लाइसेंस और KYC विवरण अपलोड करने होते हैं, जिन्हें संबंधित APMC या SAMB द्वारा सत्यापित किया जाता है।
- सभी विवरण सही पाए जाने पर व्यापारी को स्थायी e-NAM Trader ID और पासवर्ड जारी किया जाता है, जिससे वह ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में भाग लेकर देशभर की मंडियों में व्यापार कर सकता है।
FPOs / FPCs के लिए पंजीकरण
Farmer Producer Organizations (FPOs) और Farmer Producer Companies (FPCs) e-NAM पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से, अथवा नज़दीकी e-NAM मंडी में आवश्यक विवरण उपलब्ध कराकर पंजीकरण कर सकती हैं।
इसके अंतर्गत संगठन का नाम, अधिकृत व्यक्ति का विवरण और बैंक खाता संबंधी जानकारी प्रदान करनी होती है।
Mandi Boards (SAMB) के लिए
राज्य कृषि विपणन बोर्डों को e-NAM से जुड़ने के लिए अपने APMC Act में आवश्यक संशोधन करने होते हैं, जिनमें पूरे राज्य के लिए एकीकृत ट्रेडिंग लाइसेंस, एकल बिंदु पर मंडी शुल्क की व्यवस्था और e-Auction / e-Trading को मूल्य खोज के वैध माध्यम के रूप में शामिल करना आवश्यक होता है।
e-NAM योजना के अंतर्गत आवश्यक दस्तावेज़ (विस्तृत विवरण)
किसानों (Farmers) के लिए आवश्यक दस्तावेज़
e-NAM पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए किसान को अपनी पहचान, बैंकिंग विवरण और कृषि से जुड़े प्रमाण प्रस्तुत करने होते हैं, ताकि उसकी वैधता और भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए किसान को अपना आधार कार्ड जमा करना आवश्यक होता है, जिससे उसकी पहचान और KYC सत्यापन किया जा सके। इसके साथ ही, किसान की पहचान के लिए एक पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटोग्राफ अनिवार्य होता है, जो e-NAM प्रोफाइल और मंडी रिकॉर्ड में प्रयुक्त किया जाता है।
किसान को अपने बैंक खाते का विवरण भी उपलब्ध कराना होता है, जिसके लिए बैंक पासबुक की प्रति या रद्द किया हुआ चेक (Cancelled Cheque) दिया जाता है, ताकि e-NAM के माध्यम से की गई बिक्री का भुगतान सीधे उसके खाते में इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्थानांतरित किया जा सके। इसके अलावा, किसान को एक सक्रिय मोबाइल नंबर और वैध ई-मेल आईडी प्रदान करनी होती है, जिससे उसे लॉगिन विवरण, OTP, व्यापार संबंधी सूचनाएँ और भुगतान अपडेट प्राप्त हो सकें।
कुछ APMC मंडियों द्वारा अतिरिक्त सत्यापन के लिए किसान से भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (Land Ownership Certificate) या Farmer ID Card भी मांगा जा सकता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजीकरण करने वाला व्यक्ति वास्तव में कृषि गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।
व्यापारियों (Traders) के लिए आवश्यक दस्तावेज़
e-NAM प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण के लिए व्यापारी को अपने व्यापार की वैधता, वित्तीय स्थिति और पहचान से जुड़े दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होते हैं। सबसे पहले व्यापारी को अपनी पहचान के लिए एक पासपोर्ट आकार का फोटो देना होता है, जो प्रोफाइल और लाइसेंस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही, व्यापारी को अपना वैध ट्रेड लाइसेंस या व्यवसाय पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि वह कानूनी रूप से कृषि उपज के व्यापार में संलग्न है।
व्यापारी को PAN कार्ड प्रस्तुत करना होता है, जिससे कर संबंधी लेन-देन और वित्तीय ट्रैकिंग संभव हो सके, तथा आधार कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र KYC प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आवश्यक होता है। यदि व्यापारी GST के अंतर्गत पंजीकृत है, तो उसे GST Registration Certificate भी जमा करना होता है।
इसके अतिरिक्त, व्यापारी को अपने बैंक खाते का विवरण (पासबुक या रद्द किया हुआ चेक) देना होता है, ताकि भुगतान और लेन-देन सुरक्षित रूप से हो सकें। व्यापारी के स्थायी या व्यावसायिक पते की पुष्टि के लिए Address Proof, जैसे बिजली का बिल, किराया समझौता या अन्य वैध दस्तावेज़ भी आवश्यक होते हैं। साथ ही, व्यापारी को एक सक्रिय ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर देना होता है, ताकि लॉगिन जानकारी और व्यापार संबंधी सूचनाएँ प्राप्त की जा सकें।
यदि व्यापारी पहले से APMC में पंजीकृत है, तो उसे मौजूदा APMC लाइसेंस नंबर भी देना होता है, और APMC द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार अन्य KYC दस्तावेज़ भी प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।
FPOs / FPCs (Farmer Producer Organizations / Companies) के लिए आवश्यक दस्तावेज़
e-NAM पर पंजीकरण के लिए FPOs और FPCs को संगठन की वैधता और प्रबंधन संरचना से संबंधित दस्तावेज़ देने होते हैं। इसके अंतर्गत सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ Certificate of Incorporation या Registration Certificate होता है, जिससे यह सिद्ध होता है कि संगठन विधिवत रूप से पंजीकृत है। इसके साथ ही, संगठन का PAN कार्ड अनिवार्य होता है, ताकि वित्तीय और कर संबंधी पहचान स्थापित की जा सके।
FPO/FPC को अपने बैंक खाते का विवरण देना होता है, जिससे प्लेटफॉर्म पर होने वाले लेन-देन सुरक्षित रूप से पूरे किए जा सकें। इसके अतिरिक्त, संगठन को अपने सदस्यों या शेयरधारकों की सूची प्रस्तुत करनी होती है, जिससे यह स्पष्ट हो कि संगठन किसानों के सामूहिक हित में कार्य कर रहा है।
संगठन के संचालन के लिए अधिकृत व्यक्ति (जैसे MD, CEO या Manager) का नाम, पहचान पत्र और पता, साथ ही उसका मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी देना अनिवार्य होता है। इसके अलावा, संगठन की संरचना और कार्यप्रणाली को दर्शाने के लिए Memorandum of Association (MoA), Articles of Association (AoA) या Bye-laws भी जमा करने होते हैं, तथा अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का आधार कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र भी आवश्यक होता है।
State Agriculture Marketing Boards / APMCs के लिए आवश्यक दस्तावेज़
राज्य कृषि विपणन बोर्ड या APMC को e-NAM से जुड़ने के लिए एक औपचारिक और विस्तृत प्रक्रिया अपनानी होती है, जिसके लिए उन्हें निर्धारित प्रारूप (Annexure-I) में एक विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करना होता है। इसके साथ ही, उन्हें अपने संशोधित APMC Act या e-Trading को सक्षम बनाने वाले कार्यकारी आदेश की प्रति संलग्न करनी होती है।
राज्य सरकार द्वारा जारी Government Resolution या Notification, Project Implementation Plan, तथा Assaying Lab या Soil Testing Lab से संबंधित योजना भी अनिवार्य होती है। इसके अतिरिक्त, APMC को एक विस्तृत बजट अनुमान प्रस्तुत करना होता है, जिसमें सभी मदों का स्पष्ट विवरण दिया गया हो।
APMC को यह आश्वासन भी देना होता है कि चयनित कृषि जिंसों का व्यापार e-NAM के माध्यम से किया जाएगा और भविष्य में आने वाले सॉफ्टवेयर रखरखाव तथा अन्य लागतों को वहन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित Undertaking, Implementing Agency के बैंक विवरण (PFMS पोर्टल पर पंजीकृत), Nodal Officer का प्राधिकरण पत्र, और यदि लागू हो तो SFAC या Service Provider के साथ MoU भी प्रस्तुत करना होता है। इसके अलावा, मंडियों की Infrastructure Readiness Details और आवश्यकता पड़ने पर Inspection Report भी संलग्न की जाती है।
Private Markets के लिए आवश्यक दस्तावेज़
यदि कोई निजी मंडी e-NAM योजना के अंतर्गत पंजीकरण कराना चाहती है, तो उसे संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से अनुशंसा पत्र (Letter of Recommendation) प्राप्त करना होता है। इसके साथ-साथ निजी मंडी को यह प्रमाणित करना होता है कि उसने मंडी विश्लेषक (Mandi Analyst), आवश्यक हार्डवेयर, गुणवत्ता परीक्षण (Assaying) उपकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी और सहायक स्टाफ जैसी सभी व्यवस्थाएँ अपने स्वयं के खर्च पर की हैं।
निष्कर्ष
राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) भारतीय कृषि के लिए सिर्फ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक मजबूत कदम है।
जब किसान देश के किसी भी कोने से अपनी उपज का सही मूल्य पा सके, तभी वास्तव में “किसान सशक्तिकरण” का सपना साकार होगा।