National Rural Livelihood Mission NRLM के 7 व्यापक स्तंभ: बैकग्राउंड, लक्ष्य और महत्व के लिए Incredible गाइड

National Rural Livelihood Mission (NRLM) परिचय

National Rural Livelihood Mission (NRLM) : ग्रामीण भारत में गरीबी केवल आय की कमी नहीं है, बल्कि अवसरों की भी कमी है। इसी सच्चाई को बदलने के लिए भारत सरकार ने दीन दयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) को एक प्रमुख कार्यक्रम के रूप में लागू किया।
यह मिशन गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं, को संगठित कर उन्हें वित्तीय सेवाओं, कौशल और टिकाऊ आजीविका के अवसरों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

National Rural Livelihood Mission

National Rural Livelihood Mission क्या है?

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) एक गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लागू किया जाता है।
इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को स्वरोजगार और कुशल रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

यह मिशन पहले की स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) का उन्नत और व्यापक स्वरूप है। 29 मार्च 2016 को इसे दीन दयाल अंत्योदय योजना – NRLM नाम दिया गया।

National Rural Livelihood Mission के हालिया अपडेट

  • जम्मू कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में ₹520 करोड़ का विशेष पैकेज पाँच वर्षों के लिए लागू किया गया।
  • कोविड-19 के दौरान SHG नेटवर्क के माध्यम से राहत, आजीविका और जागरूकता गतिविधियाँ तेज की गईं।
  • 6.9 करोड़ से अधिक स्वयं सहायता समूहों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण की शुरुआत की गई।
  • 2022 में आजीविका राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत नए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किए गए।

National Rural Livelihood Mission के उद्देश्य

इस मिशन के प्रमुख उद्देश्य हैं

  • ग्रामीण गरीब परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि करना
  • महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से सशक्त बनाना
  • राज्यों को डिमांड-ड्रिवन रणनीति अपनाने की स्वतंत्रता देना
  • कौशल विकास, स्वरोजगार और वेतन रोजगार के अवसर बढ़ाना
  • गरीबी उन्मूलन के लक्ष्यों की नियमित निगरानी करना

National Rural Livelihood Mission के मार्गदर्शक सिद्धांत

  • गरीबों की सामाजिक एकजुटता और सामूहिक शक्ति को मजबूत करना
  • गरीबी से बाहर निकलने की क्षमता गरीबों के भीतर ही होती है
  • योजना का संचालन और विस्तार गरीबों के नेतृत्व में होना चाहिए
  • मजबूत सामुदायिक संस्थानों का निर्माण अनिवार्य है

National Rural Livelihood Mission (NRLM)  के प्रमुख मूल्य

NRLM तीन मजबूत स्तंभों पर कार्य करता है

  • मौजूदा आजीविका साधनों का विस्तार
  • नौकरी बाजार के लिए कौशल निर्माण
  • स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा

इसके मूल मूल्य हैं

  • सबसे गरीब का समावेशन
  • पारदर्शिता और जवाबदेही
  • योजना से लेकर निगरानी तक गरीबों की भागीदारी
  • सामुदायिक आत्मनिर्भरता

DAY-NRLM कैसे काम करता है?

  • गांव स्तर पर स्वयं सहायता समूहों का गठन
  • SHG का क्लस्टर और फेडरेशन बनाना
  • बैंक क्रेडिट, प्रशिक्षण और मार्केट से जोड़ना
  • आजीविका योजनाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुसार लागू करना
  • गहन (Intensive) और गैर-गहन (Non-Intensive) क्षेत्रों में चरणबद्ध क्रियान्वयन

UPSC परीक्षा में DAY-NRLM का महत्व

  • प्रारंभिक परीक्षा: सरकारी योजनाएं, गरीबी उन्मूलन
  • मुख्य परीक्षा (GS-3): समावेशी विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक सशक्तिकरण

National Rural Livelihood Mission (NRLM) के अंतर्गत पात्रता (Eligibility for DAY-NRLM)

दीन दयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का लाभ मुख्य रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को दिया जाता है। इसके लिए कुछ स्पष्ट और व्यावहारिक पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं, ताकि केवल सक्रिय और जिम्मेदार समूहों को वित्तीय सहायता मिले।

National Rural Livelihood Mission के अंतर्गत पात्रता की प्रमुख शर्तें निम्नलिखित हैं

  • स्वयं सहायता समूह कम से कम पिछले 6 महीनों से सक्रिय होना चाहिए। केवल बचत खाता खुला होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वित्तीय रिकॉर्ड से नियमित गतिविधि सिद्ध होनी चाहिए।
  • SHG को पंचसूत्र का पालन करना अनिवार्य है, जिनमें
    • नियमित बैठकें
    • नियमित बचत
    • आंतरिक ऋण व्यवस्था
    • समय पर ऋण चुकौती
    • अद्यतन लेखा पुस्तकों का रखरखाव
  • SHG को NABARD द्वारा निर्धारित ग्रेडिंग मानकों को पूरा करना होता है।
  • यदि SHG फेडरेशन गठित हैं, तो वे बैंकों की सहायता के लिए ग्रेडिंग मूल्यांकन कर सकते हैं।
  • पहले से निष्क्रिय रहे SHG भी पात्र हो सकते हैं, बशर्ते उन्हें पुनर्जीवित किया गया हो और वे कम से कम 3 महीनों तक सक्रिय रहें।

यह पात्रता ढांचा यह सुनिश्चित करता है कि ऋण और सहायता वास्तव में मजबूत और अनुशासित समूहों तक पहुंचे।

National Rural Livelihood Mission (NRLM) की प्रमुख विशेषताएं DAY-NRLM

दीन दयाल अंत्योदय योजना – NRLM ग्रामीण गरीबों को केवल सहायता नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका देने पर केंद्रित है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इसे अन्य योजनाओं से अलग बनाती हैं।

1. आजीविका पर केंद्रित दृष्टिकोण

National Rural Livelihood Mission का मुख्य फोकस ग्रामीण गरीबों के लिए

  • रोजगार योग्य कौशल विकसित करना
  • स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना

2. राज्यों को लचीलापन

यह योजना डिमांड-ड्रिवन है।
राज्यों को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे स्थानीय जरूरतों के अनुसार गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम तैयार करें।

3. SHG नेटवर्क का विस्तार

National Rural Livelihood Mission का लक्ष्य है कि

  • हर गरीब परिवार का कम से कम एक सदस्य, प्राथमिकता से महिला,
  • स्वयं सहायता समूह से जुड़े।

4. कौशल और क्षमता निर्माण

योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया जाता है

  • संस्थागत प्रबंधन
  • बाजार से जुड़ाव
  • आय बढ़ाने वाली गतिविधियों के लिए

5. वित्तीय सहायता और पूंजी समर्थन

गरीब परिवारों को मजबूत बनाने के लिए

  • रिवॉल्विंग फंड
  • कैपिटल सब्सिडी
    उपलब्ध कराई जाती है।

6. सार्वभौमिक वित्तीय समावेशन

National Rural Livelihood Mission का लक्ष्य है कि

  • सभी गरीब परिवारों
  • SHG और उनके फेडरेशन
    को बैंकिंग सेवाओं तक पूर्ण पहुंच मिले।

7. सामुदायिक निवेश सहायता कोष (CIF)

SHG को

  • ऋण गतिविधियों
  • सामाजिक और आर्थिक विकास कार्यों
    के लिए Community Investment Fund (CIF) से सहायता दी जाती है।

8. बैंक ऋण और बीमा सुविधा

  • बैंकों के साथ समन्वय कर ऋण उपलब्ध कराना
  • जीवन और स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करना

9. ब्याज सबवेंशन

SHG ऋण पर

  • बैंक ब्याज दर और 7 प्रतिशत के बीच के अंतर को
    सरकार द्वारा Interest Subvention के माध्यम से पूरा किया जाता है।

10. मंत्रालयों के बीच समन्वय

NRLM विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ मिलकर

  • ग्रामीण गरीबी उन्मूलन
  • आजीविका सृजन
    को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाता है।

11. विकेंद्रीकृत योजना निर्माण

  • योजना निर्माण का अधिकार राज्यों के पास है
  • स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्यक्रम डिजाइन किए जाते हैं

12. जिला स्तर पर सहयोग

NRLM जिला स्तर पर

  • District Rural Development Agency
  • Panchayati Raj Institutions
    के साथ मिलकर कार्य करता है, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है।

NRLM का क्रियान्वयन कैसे होता है?

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) एक अत्यंत प्रक्रिया-आधारित (process-oriented) कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों को संगठित कर उन्हें स्वावलंबी और टिकाऊ आजीविका की ओर ले जाना है।

NRLM का क्रियान्वयन सामान्यतः एक ब्लॉक में लगभग 10 वर्षों की अवधि में किया जाता है। इस दौरान वित्तीय संसाधनों के साथ-साथ मानव संसाधनों का भी गहन उपयोग किया जाता है।

NRLM के क्रियान्वयन के चरण

1. प्रारंभिक चरण (पहले 3 वर्ष)

  • गरीब और वंचित परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (SHG) में संगठित किया जाता है
  • गांव, क्लस्टर और ब्लॉक स्तर पर फेडरेशनों का गठन
  • महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है

2. सशक्तिकरण और निवेश चरण (अगले 4–5 वर्ष)

  • सामुदायिक संस्थानों को
    • रिवॉल्विंग फंड
    • कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF)
    • बैंक ऋण
      प्रदान किए जाते हैं
  • आजीविका गतिविधियों का विस्तार
  • बाजार, कौशल और वित्तीय सेवाओं से जुड़ाव

3. आत्मनिर्भरता चरण (अंतिम 4 वर्ष)

  • SHG और फेडरेशन धीरे-धीरे स्वयं संचालित होने लगते हैं
  • सरकार की भूमिका सीमित होती जाती है
  • सामुदायिक संस्थान स्वावलंबी और टिकाऊ बनते हैं

National Rural Livelihood Mission के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सहायता

दीन दयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एक केंद्र प्रायोजित योजना है।

वित्तीय संरचना

  • सामान्य राज्यों के लिए
    • केंद्र : राज्य = 75 : 25
  • विशेष श्रेणी राज्यों के लिए
    • केंद्र : राज्य = 90 : 10
      (जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड)

फंड प्रवाह की प्रक्रिया

  • केंद्र से राशि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) को
  • SRLM द्वारा अधिसूचना जारी कर बैंक खाता खोला जाता है
  • वार्षिक कार्य योजना के अनुसार जिलों को धनराशि जारी
  • जिला स्तर पर समेकित आंकड़ों से प्रगति की निगरानी

National Rural Livelihood Mission NRLM के अंतर्गत उप-योजनाएं

उप-योजनासंक्षिप्त विवरण
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना15–35 वर्ष के ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार
सांसद आदर्श ग्राम योजनाआदर्श ग्राम पंचायतों का समग्र विकास
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीणग्रामीण गरीबों को पक्के मकान
श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशनग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं का विकास

National Rural Livelihood Mission का अभिसरण

NRLM अन्य योजनाओं और संस्थाओं के साथ अभिसरण (Convergence) पर विशेष जोर देता है।

मुख्य साझेदार

  • पंचायत राज संस्थान
  • जिला प्रशासन
  • बैंक, SLBC और NABARD
  • CSO और NGO
  • शैक्षणिक एवं शोध संस्थान

कुछ प्रमुख अभिसरण उदाहरण

  • MGNREGA + NRLM
    • SHG के माध्यम से रोजगार, परिसंपत्ति निर्माण और वित्तीय समावेशन
  • आवास, पेयजल, स्वच्छता योजनाएं
    • ग्रामीण गरीबों को अधिकार और सेवाएं
  • उद्योग संघ
    • कौशल मांग का आकलन और प्लेसमेंट
  • शैक्षणिक संस्थान
    • नीति निर्माण और शोध आधारित सुझाव

निष्कर्ष

दीन दयाल अंत्योदय योजना – NRLM केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि गरीबों को अपने पैरों पर खड़ा करने की राष्ट्रीय पहल है।
महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूह, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन के माध्यम से यह मिशन ग्रामीण भारत को गरीबी से आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा है।

डिस्क्लेमर

यह लेख शैक्षणिक और सामान्य सूचना उद्देश्य से तैयार किया गया है। योजना से संबंधित अद्यतन, आधिकारिक दिशा-निर्देश और परीक्षा उपयोग हेतु संबंधित मंत्रालय व सरकारी पोर्टल की अधिसूचनाओं को अवश्य देखें।