PM-YASASVI: Best पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना for OBC, EBC and DNT Students 2026

पढ़ाई का सपना अब मजबूरी नहीं, हक़ बनेगा शिक्षा का सहारा

PM-YASASVI: परिचय

PM-YASASVI: कई बार प्रतिभा केवल पैसों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाती। देश के लाखों विद्यार्थी ऐसे हैं जो पढ़ना चाहते हैं, आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक हालात उनके रास्ते में दीवार बन जाते हैं। इसी सच्चाई को बदलने के उद्देश्य से भारत सरकार ने PM-YASASVI पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना शुरू की है। यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि यह विश्वास है कि पिछड़े वर्गों के विद्यार्थी भी समान अवसर के हक़दार हैं।

यह योजना अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) और घुमंतू व विमुक्त जनजाति (DNT) के विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई पूरी करने का संबल देती है, ताकि कोई भी छात्र केवल पैसों के अभाव में अपनी शिक्षा अधूरी न छोड़े।

PM-YASASVI का विवरण

PM-YASASVI पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, केंद्र सरकार की PM Young Achievers Scholarship Award Scheme for Vibrant India (PM-YASASVI) के अंतर्गत संचालित एक उप-योजना है। इसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लागू किया गया है। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करती हैं।

यह छात्रवृत्ति उन विद्यार्थियों के लिए है जो मैट्रिक यानी कक्षा 10 के बाद किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में पढ़ाई कर रहे हैं।

PM-YASASVI का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि OBC, EBC और DNT वर्ग के विद्यार्थी आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी शिक्षा बीच में न छोड़ें। सरकार चाहती है कि ये विद्यार्थी स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।

PM-YASASVI का दायरा

यह छात्रवृत्ति केवल भारत में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध है। छात्र को उसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से छात्रवृत्ति दी जाएगी, जहाँ वह स्थायी रूप से निवास करता है। योजना का क्रियान्वयन राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा किया जाता है।

कोर्स समूहों की परिभाषा

PM-YASASVI योजना के अंतर्गत पाठ्यक्रमों को चार समूहों में विभाजित किया गया है।

ग्रुप 1 में मेडिकल, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट, लॉ, आर्किटेक्चर, डिजाइन, कृषि, वेटरनरी साइंस, कंप्यूटर साइंस, CA, CS, ICWA, MPhil, PhD और पोस्ट-डॉक्टोरल जैसे उच्च स्तरीय पेशेवर पाठ्यक्रम शामिल हैं।

ग्रुप 2 में नर्सिंग, फार्मेसी, पैरामेडिकल, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, मास कम्युनिकेशन, फाइनेंशियल सर्विसेज, ITI और पॉलिटेक्निक जैसे डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स आते हैं।

ग्रुप 3 में BA, BSc, BCom, MA, MSc, MCom जैसे सामान्य स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शामिल हैं।

ग्रुप 4 में कक्षा 10 के बाद के सभी नॉन-डिग्री पाठ्यक्रम, जैसे कक्षा 11-12, आईटीआई और पॉलिटेक्निक के कुछ कोर्स शामिल किए गए हैं।

योजना के लाभ

इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को शैक्षणिक भत्ता और ट्यूशन फीस दोनों का लाभ दिया जाता है। नीचे तालिका के माध्यम से इसे स्पष्ट किया गया है।

पाठ्यक्रम समूहवार्षिक शैक्षणिक भत्ता (₹)वार्षिक ट्यूशन फीस (₹)कुल राशि (₹)
ग्रुप 110,00010,00020,000
ग्रुप 28,0005,00013,000
ग्रुप 36,0002,0008,000
ग्रुप 45,00005,000

पूरी छात्रवृत्ति राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे विद्यार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

PM-YASASVI पात्रता मानदंड

इस योजना का लाभ वही विद्यार्थी ले सकते हैं जो भारतीय नागरिक हों और OBC, EBC या DNT वर्ग से संबंधित हों। विद्यार्थी ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से मैट्रिक या उससे उच्च परीक्षा उत्तीर्ण की हो। परिवार की वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।

एक ही परिवार से अधिकतम दो पुत्र इस योजना का लाभ ले सकते हैं, जबकि पुत्रियों की संख्या पर कोई सीमा नहीं है।

PM-YASASVI पात्रता

  • यह छात्रवृत्ति योजना भारत के उन नागरिकों के लिए उपलब्ध है जो अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग तथा विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियों से संबंधित हैं, जैसा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा अधिसूचित किया गया है। यह छात्रवृत्ति केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों में मैट्रिक के बाद या माध्यमिक के बाद की पढ़ाई के लिए प्रदान की जाती है।
  • केवल वही छात्र इस योजना के पात्र होंगे जो उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित हों, जहाँ के वे स्थायी निवासी हैं, और जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से मैट्रिक, उच्च माध्यमिक या उससे ऊपर की परीक्षा उत्तीर्ण की हो। उच्च माध्यमिक विद्यालय की कक्षा ग्यारह या बहुउद्देशीय उच्च विद्यालय की कक्षा बारह में पढ़ने वाले छात्र इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं माने जाएंगे क्योंकि यह निरंतर विद्यालय शिक्षा का हिस्सा है। हालांकि यदि किसी पाठ्यक्रम में दसवीं कक्षा की परीक्षा को मैट्रिक के समकक्ष माना जाता है और छात्र दसवीं पास करने के बाद किसी अन्य पाठ्यक्रम में प्रवेश लेता है, तो ऐसे छात्र को पोस्ट मैट्रिक छात्र मानते हुए छात्रवृत्ति दी जा सकती है।
  • चिकित्सा क्षेत्र में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कर रहे छात्र तभी पात्र होंगे जब उन्हें पाठ्यक्रम की अवधि के दौरान चिकित्सा अभ्यास की अनुमति न हो। ऐसे छात्र जिन्होंने कला, विज्ञान या वाणिज्य में स्नातक या स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण होने के बाद किसी मान्यता प्राप्त व्यावसायिक या तकनीकी प्रमाण पत्र, डिप्लोमा या डिग्री पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया हो, वे भी पात्र होंगे, बशर्ते वे अन्य सभी शर्तें पूरी करते हों। इसके बाद किसी अन्य पाठ्यक्रम में परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।
  • जो छात्र पत्राचार, ऑनलाइन या दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं, वे भी इस योजना के अंतर्गत पात्र माने जाएंगे। यहां पत्राचार से आशय केंद्रीय या राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित दूरस्थ एवं सतत शिक्षा पाठ्यक्रमों से है।
  • एक ही माता पिता या अभिभावक के अधिकतम दो पुत्र ही इस छात्रवृत्ति का लाभ ले सकते हैं। यह सीमा पुत्रियों पर लागू नहीं होती, अर्थात एक ही परिवार की कितनी भी बेटियाँ इस योजना का लाभ उठा सकती हैं और इससे दो पुत्रों की पात्रता प्रभावित नहीं होगी।
  • इस योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाला छात्र किसी अन्य छात्रवृत्ति या स्टाइपेंड का लाभ एक साथ नहीं ले सकता। यदि छात्र को कोई अन्य छात्रवृत्ति या स्टाइपेंड प्रदान किया जाता है, तो उसे दोनों में से किसी एक को चुनना होगा और इसकी सूचना संस्थान प्रमुख के माध्यम से संबंधित प्राधिकरण को देनी होगी। किसी अन्य छात्रवृत्ति को स्वीकार करने की तिथि से इस योजना के अंतर्गत भुगतान बंद कर दिया जाएगा। हालांकि छात्र पुस्तकों, उपकरणों, भोजन या आवास के लिए राज्य सरकार या अन्य स्रोतों से मिलने वाली निःशुल्क सुविधा या सहायता स्वीकार कर सकता है।
  • जो छात्र केंद्र या राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित किसी पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र में कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं, वे कोचिंग की अवधि के दौरान किसी अन्य स्टाइपेंड के पात्र नहीं होंगे। नियमित छात्र के रूप में प्रवेश के लिए आयु सीमा का निर्धारण संबंधित शैक्षणिक संस्थान द्वारा किया जाएगा।
  • नियोजित छात्र, जिनकी स्वयं की आय और माता पिता या अभिभावक की संयुक्त वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से अधिक नहीं है, इस पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के पात्र होंगे। बेरोजगार छात्रों के लिए उनके माता पिता या अभिभावक की कुल वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र केवल एक बार, पाठ्यक्रम में प्रवेश के समय बनवाना आवश्यक होता है, विशेष रूप से उन पाठ्यक्रमों के लिए जो एक वर्ष से अधिक अवधि के होते हैं।

छात्रवृत्ति प्रदान करने की अन्य शर्तें

छात्रवृत्ति छात्र की संतोषजनक शैक्षणिक प्रगति और अच्छे आचरण के आधार पर दी जाती है। यदि किसी भी समय संस्थान प्रमुख द्वारा यह रिपोर्ट की जाती है कि छात्र की प्रगति असंतोषजनक है या वह अनुशासनहीन गतिविधियों में शामिल पाया गया है, जैसे बिना अनुमति के अनुपस्थिति या हड़ताल में भाग लेना, तो संबंधित प्राधिकरण छात्रवृत्ति को रद्द या अस्थायी रूप से रोक सकता है।

यदि यह पाया जाता है कि किसी छात्र ने गलत जानकारी देकर छात्रवृत्ति प्राप्त की है, तो उसकी छात्रवृत्ति तुरंत रद्द कर दी जाएगी और अब तक दी गई राशि की वसूली की जा सकती है। ऐसे छात्र को भविष्य में किसी भी छात्रवृत्ति योजना के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

यदि छात्र बिना राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के पाठ्यक्रम या संस्थान बदलता है, तो उसकी छात्रवृत्ति रद्द की जा सकती है और भुगतान रोका जा सकता है। यदि छात्र अध्ययन बीच में ही छोड़ देता है, तो राज्य सरकार के निर्णय अनुसार उसे छात्रवृत्ति की राशि वापस करनी पड़ सकती है।

अवधि और नवीनीकरण

एक बार स्वीकृत होने के बाद छात्रवृत्ति पूरे पाठ्यक्रम की अवधि तक प्रदान की जाती है, बशर्ते छात्र की शैक्षणिक प्रगति संतोषजनक हो और प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में न्यूनतम पचहत्तर प्रतिशत उपस्थिति हो। उपस्थिति का सत्यापन आधार आधारित प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।

बीमारी के कारण वार्षिक परीक्षा में शामिल न हो पाने की स्थिति में, निर्धारित चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर छात्रवृत्ति का नवीनीकरण किया जा सकता है। यदि विश्वविद्यालय या संस्थान के नियमों के अनुसार छात्र को अगली कक्षा में पदोन्नति दी जाती है, भले ही उसने पिछली कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण न की हो, तब भी वह पात्र होने की स्थिति में छात्रवृत्ति प्राप्त कर सकता है।

PM-YASASVI शैक्षणिक संस्थानों की पात्रता

यह छात्रवृत्ति सभी मान्यता प्राप्त पोस्ट मैट्रिक और पोस्ट सेकेंडरी पाठ्यक्रमों के लिए दी जाती है, जो राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों, केंद्रीय या राज्य विश्वविद्यालयों, यूजीसी से मान्यता प्राप्त कॉलेजों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों, मान्यता प्राप्त डिप्लोमा और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों तथा मेडिकल, तकनीकी और अन्य नियामक संस्थाओं से संबद्ध संस्थानों में संचालित किए जाते हैं।

PM-YASASVI अपात्रता

जो छात्र एक ही शैक्षणिक स्तर पर किसी अन्य विषय में दोबारा अध्ययन कर रहे हैं, जैसे बीए के बाद बीएससी या बीकॉम, या एक विषय में एमए करने के बाद किसी अन्य विषय में एमए, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। इसी प्रकार, एक पेशेवर शिक्षा पूरी करने के बाद किसी अन्य पेशेवर पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्रों को भी इस छात्रवृत्ति का लाभ नहीं दिया जाएगा।

PM-YASASVI आवेदन प्रक्रिया

यह छात्रवृत्ति योजना पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से लागू की जाती है। प्रत्येक राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन हर वर्ष अप्रैल माह से योजना का विवरण सार्वजनिक करता है और प्रमुख समाचार पत्रों, आधिकारिक वेबसाइटों, छात्रवृत्ति पोर्टल तथा अन्य माध्यमों से आवेदन आमंत्रित करता है। इच्छुक और पात्र छात्रों को निर्धारित अंतिम तिथि से पहले संबंधित पोर्टल पर अपना आवेदन पूरा करना होता है।

आवेदन करने के लिए छात्र को राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल अथवा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से आवेदन जमा करना होता है। आवेदन पत्र समय सीमा के भीतर निर्धारित प्राधिकरण को ऑनलाइन ही प्रस्तुत किया जाता है।

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के लिए छात्र को आधिकारिक वेबसाइट scholarships.gov.in पर जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होता है।

नए आवेदकों को सबसे पहले राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल खोलकर आवेदक सेक्शन में जाकर नया पंजीकरण विकल्प पर क्लिक करना होता है। इसके बाद योजना से संबंधित निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सहमति बॉक्स पर टिक करना होता है और आगे बढ़ना होता है। इसके पश्चात आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और अन्य जरूरी जानकारियाँ भरकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की जाती है।

जो छात्र पहले से पंजीकृत हैं, उन्हें पोर्टल पर जाकर फ्रेश आवेदन विकल्प चुनना होता है। इसके बाद वे अपने आवेदन आईडी और पासवर्ड की सहायता से लॉगिन करते हैं। लॉगिन करने के बाद संबंधित छात्रवृत्ति योजना का चयन कर आवेदन फॉर्म भरना होता है, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं और अंत में आवेदन को सबमिट करना होता है।

यह ध्यान रखना आवश्यक है कि अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवेदन प्रक्रिया में कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए पात्र छात्रों को अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के आईटी पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर आवेदन करना चाहिए।

PM-YASASVI उम्मीदवारों का चयन

योजना की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले सभी अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग और विमुक्त एवं घुमंतू जनजाति से संबंधित छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। यदि कोई छात्र एक राज्य से संबंधित है लेकिन किसी अन्य राज्य में अध्ययन कर रहा है, तो उसे उसी राज्य द्वारा छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जहाँ का वह स्थायी निवासी है। ऐसे छात्रों को आवेदन भी अपने मूल राज्य की सक्षम प्राधिकरण के समक्ष ही जमा करना होता है। शुल्क में छूट या अन्य रियायतों के मामलों में भी उन्हें अपने ही राज्य में अध्ययनरत छात्र के रूप में माना जाएगा।

PM-YASASVI की समय-सीमा

हर वर्ष छात्र पंजीकरण के लिए पोर्टल एक अप्रैल से खोला जाता है। आवेदन की अंतिम तिथि तीस जून निर्धारित होती है। इसके बाद शैक्षणिक संस्थानों द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया इकतीस जुलाई तक पूरी की जाती है। राज्य सरकार द्वारा आवेदन का सत्यापन पंद्रह अगस्त तक किया जाता है। केंद्रीय सहायता राशि डेटा अपलोड होने के आधार पर इकतीस अगस्त तक संबंधित खाते में स्थानांतरित की जाती है। इसके पश्चात राज्य सरकार द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से छात्रवृत्ति राशि का भुगतान सामान्यतः तीस सितंबर से पहले कर दिया जाता है।

फ्रीशिप कार्ड जारी करने की प्रक्रिया

इस योजना के अंतर्गत पात्र छात्रों को बिना अग्रिम शुल्क जमा किए संस्थानों में प्रवेश लेने का अधिकार दिया जाता है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा फ्रीशिप कार्ड जारी किया जाता है। यह कार्ड छात्र को ट्यूशन फीस और हॉस्टल फीस अग्रिम रूप से जमा किए बिना प्रवेश लेने में सहायता करता है।

छात्र को प्रवेश की संभावित तिथि से पहले संबंधित छात्रवृत्ति पोर्टल पर फ्रीशिप कार्ड के लिए पंजीकरण करना होता है। पंजीकरण के समय आधार संख्या, प्रवेश लिए जाने वाले पाठ्यक्रम का नाम और यह घोषणा देनी होती है कि छात्रवृत्ति राशि प्राप्त होने के सात कार्य दिवसों के भीतर संस्थान की फीस का भुगतान कर दिया जाएगा। फ्रीशिप कार्ड के पंजीकरण के लिए पोर्टल पूरे वर्ष खुला रहता है।

आय, जाति और मेरिट से संबंधित जानकारी का सत्यापन ऑनलाइन डेटाबेस के माध्यम से स्वतः किया जाता है ताकि पूरी प्रक्रिया कागज रहित हो सके। जब तक यह प्रणाली पूरी तरह लागू नहीं हो जाती, तब तक छात्र को आवश्यक प्रमाण पत्र स्कैन करके अपलोड करने होते हैं, जिनमें पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र शामिल होते हैं।

यदि पंजीकरण के बाद छात्र पात्र पाया जाता है, तो राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन तीस दिनों के भीतर सत्यापन पूरा कर फ्रीशिप कार्ड जारी कर देता है। छात्र इस कार्ड को पोर्टल से स्वयं डाउनलोड कर सकता है। भविष्य में जब सभी प्रमाण पत्रों का पूर्ण डिजिटलीकरण हो जाएगा, तब पात्र छात्रों को पंजीकरण के साथ ही स्वतः फ्रीशिप कार्ड जारी कर दिया जाएगा।

फ्रीशिप कार्ड में आवश्यक विवरण दर्ज होते हैं और यह डिजिटल रूप से प्रमाणित होता है। प्रवेश के उद्देश्य से यह कार्ड जारी होने की तिथि से एक वर्ष तक मान्य रहता है। यदि छात्र प्रवेश से पहले अपना पाठ्यक्रम बदलना चाहता है, तो वह पोर्टल पर लॉगिन कर नया पाठ्यक्रम चुन सकता है और पात्र होने की स्थिति में नया फ्रीशिप कार्ड स्वतः जारी कर दिया जाएगा। नवीनीकरण छात्रों के लिए एक बार जारी किया गया फ्रीशिप कार्ड पूरे पाठ्यक्रम की अवधि तक मान्य रहता है और इसके लिए दोबारा पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती।

PM-YASASVI आवश्यक दस्तावेज

आवेदन के समय छात्र को आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षणिक योग्यता से संबंधित अंकपत्र और प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति या समुदाय प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र

आवश्यक दस्तावेज

आवेदन के समय आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

PM-YASASVI योजना किसने शुरू की
यह योजना भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई है।

छात्रवृत्ति राशि कैसे मिलती है
पूरी राशि DBT के माध्यम से सीधे विद्यार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

क्या ऑनलाइन या डिस्टेंस कोर्स वाले विद्यार्थी पात्र हैं
हाँ, यदि कोर्स मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से है, तो वे पात्र हो सकते हैं, हालांकि शैक्षणिक भत्ता कुछ मामलों में नहीं दिया जाता।

क्या PM-YASASVI नवीनीकरण संभव है
हाँ, यदि विद्यार्थी की उपस्थिति 75 प्रतिशत है और शैक्षणिक प्रदर्शन संतोषजनक है, तो छात्रवृत्ति हर वर्ष नवीनीकृत की जा सकती है।

बीमारी के कारण परीक्षा न देने पर क्या होगा
वैध मेडिकल प्रमाण पत्र देने पर छात्रवृत्ति का नवीनीकरण किया जा सकता है।

निष्कर्ष

PM-YASASVI पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना उन विद्यार्थियों के लिए आशा की किरण है, जो मेहनत और लगन से आगे बढ़ना चाहते हैं। यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह ले केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। योजना से संबंधित नियम, पात्रता, राशि और प्रक्रिया समय-समय पर सरकार द्वारा बदली जा सकती है। आवेदन करने से पहले विद्यार्थी संबंधित आधिकारिक पोर्टल और दिशा-निर्देश अवश्य पढ़ें।