Integrated Child Development Services (ICDS): आंगनवाड़ी सेवाओं के जरिए बच्चों के safe भविष्य की 1 नींव

Integrated Child Development Services

Integrated Child Development Services: परिचय

Integrated Child Development Services: किसी भी देश का भविष्य उसके बच्चों में बसता है। एक स्वस्थ, सुरक्षित और शिक्षित बचपन ही आगे चलकर एक सशक्त समाज का निर्माण करता है। भारत सरकार की एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (ICDS) इसी सोच का जीवंत उदाहरण है।
यह योजना बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित है। पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और देखभाल को एक साथ जोड़कर यह योजना बच्चे के संपूर्ण विकास को सुनिश्चित करती है।

वर्ष 1975 में शुरू की गई यह योजना आज दुनिया की सबसे बड़ी बाल विकास योजनाओं में से एक है और देश के हर जिले तक अपनी पहुँच बना चुकी है।

Integrated Child Development Services योजना क्या है

एकीकृत बाल विकास सेवा योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से लागू किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के शुरुआती वर्षों को सुरक्षित, पोषित और शिक्षापूर्ण बनाना है।

अब इस योजना को आंगनवाड़ी सेवाएँ नाम दिया गया है और इसे सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत लागू किया जा रहा है।

सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0

वित्त आयोग की 15वीं अवधि (2021-22 से 2025-26) के दौरान ICDS को पोषण 2.0 के रूप में मजबूत किया गया है।
इसका उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चों और माताओं को पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।

Integrated Child Development Services योजना के उद्देश्य

ICDS योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं

• 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य स्तर में सुधार
• बच्चे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास की मजबूत नींव रखना
• कुपोषण, बीमारी, मृत्यु दर और स्कूल छोड़ने की समस्या को कम करना
• विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना
• माताओं को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी देकर सशक्त बनाना

योजना के लाभार्थी

इस योजना का लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र नागरिकों को दिया जाता है।

• 0 से 6 वर्ष तक के बच्चे
• गर्भवती महिलाएँ
• स्तनपान कराने वाली माताएँ
• आकांक्षी जिलों और उत्तर-पूर्वी राज्यों की 14 से 18 वर्ष की किशोरियाँ

यह योजना जाति, धर्म या आय की शर्तों से मुक्त है।

Integrated Child Development Services के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाएँ

ICDS योजना के तहत कुल छह महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।

• अनुपूरक पोषण
• पूर्व-प्राथमिक शिक्षा
• पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा
• टीकाकरण
• स्वास्थ्य जांच
• संदर्भ सेवाएँ

इन सेवाओं का लाभ सीधे आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिया जाता है।

Integrated Child Development Services सेवाओं का वितरण तंत्र

सेवालक्षित समूहसेवा प्रदाता
अनुपूरक पोषण6 वर्ष से कम बच्चे, गर्भवती व स्तनपान माताएँआंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका
टीकाकरणबच्चे व माताएँANM / चिकित्सा अधिकारी
स्वास्थ्य जांचबच्चे व माताएँANM / MO / AWW
संदर्भ सेवाएँबच्चे व माताएँAWW / ANM / MO
पूर्व-प्राथमिक शिक्षा3 से 6 वर्ष के बच्चेआंगनवाड़ी कार्यकर्ता
पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा15 से 45 वर्ष की महिलाएँAWW / ANM / MO

वित्तीय व्यवस्था

Integrated Child Development Services योजना में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर वित्त उपलब्ध कराती हैं।

• सामान्य घटकों के लिए 60:40 का अनुपात
• अनुपूरक पोषण कार्यक्रम के लिए 50:50
• उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए 90:10

अनुपूरक पोषण कार्यक्रम

Integrated Child Development Services: इस कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों और माताओं को गरम भोजन और टेक-होम राशन दिया जाता है।

लाभार्थीप्रतिदिन सहायता
6-72 माह के बच्चे₹8
गर्भवती एवं स्तनपान माताएँ₹9.50
किशोरियाँ₹9.50
गंभीर कुपोषित बच्चे₹12

यह सुविधा वर्ष में लगभग 300 दिनों तक दी जाती है।

आंगनवाड़ी केंद्रों को मिलने वाली सुविधाएँ

• दवा किट
• प्री-स्कूल शिक्षा सामग्री
• प्रशासनिक खर्च
• किराया सहायता
• भवन रखरखाव
• फर्नीचर और उपकरण
• स्वच्छ पानी और शौचालय सुविधा
• सक्षम आंगनवाड़ी उन्नयन

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इस योजना की रीढ़ हैं। उनके बिना यह योजना जमीन पर सफल नहीं हो सकती।

पदमासिक मानदेय
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता₹4,500
आंगनवाड़ी सहायिका₹2,250
मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता₹3,500

इसके अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि, वर्दी, बीमा योजनाएँ और राज्य सरकारों द्वारा अतिरिक्त सहायता भी दी जाती है।

आंगनवाड़ी केंद्र स्थापना के जनसंख्या मानक

क्षेत्रजनसंख्या
सामान्य क्षेत्र400 से 800
कठिन क्षेत्र300 से 800
मिनी आंगनवाड़ी150 से 400
मांग आधारित आंगनवाड़ी40 से अधिक बच्चे

Integrated Child Development Services सिस्टम सुदृढ़ीकरण परियोजना

इस परियोजना का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और शुरुआती विकास को मजबूत करना है।
यह परियोजना बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित 8 राज्यों के 162 जिलों में लागू की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. ICDS योजना क्या है

Integrated Child Development Services यानी एकीकृत बाल विकास सेवा योजना भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं का पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के माध्यम से समग्र विकास करना है।

2. ICDS योजना की शुरुआत कब हुई थी

इस योजना की शुरुआत वर्ष 1975 में की गई थी। आज यह दुनिया की सबसे बड़ी बाल विकास योजनाओं में से एक मानी जाती है।

3. ICDS योजना को अब किस नाम से जाना जाता है

अब Integrated Child Development Services योजना को आंगनवाड़ी सेवाएँ कहा जाता है और इसे सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत लागू किया जा रहा है।

4. ICDS योजना के मुख्य लाभार्थी कौन हैं

इस योजना के लाभार्थी हैं
• 0 से 6 वर्ष तक के बच्चे
• गर्भवती महिलाएँ
• स्तनपान कराने वाली माताएँ
• आकांक्षी जिलों और उत्तर-पूर्वी राज्यों की किशोरियाँ

5. ICDS योजना के अंतर्गत कौन-कौन सी सेवाएँ मिलती हैं

Integrated Child Development Services के अंतर्गत छह प्रमुख सेवाएँ दी जाती हैं
• अनुपूरक पोषण
• पूर्व-प्राथमिक शिक्षा
• पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा
• टीकाकरण
• स्वास्थ्य जांच
• संदर्भ सेवाएँ

6. ICDS योजना का लाभ कैसे लिया जा सकता है

इस योजना का लाभ लेने के लिए नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र में संपर्क करना होता है। पात्र लाभार्थियों को सेवाएँ मांग पर और निःशुल्क प्रदान की जाती हैं।

7. क्या ICDS योजना के लिए कोई आय या जाति की शर्त है

नहीं। Integrated Child Development Services योजना पूरी तरह सार्वभौमिक है। इसमें जाति, धर्म या आय से संबंधित कोई शर्त नहीं है।

8. आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को क्या-क्या सुविधाएँ मिलती हैं

आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषक भोजन, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण में सहायता और खेल-आधारित प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है।

9. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की भूमिका क्या होती है

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों और माताओं तक ICDS सेवाएँ पहुँचाने की मुख्य कड़ी होती हैं। वे पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और सरकारी योजनाओं की जानकारी देती हैं।

10. ICDS योजना का समाज पर क्या प्रभाव पड़ा है

ICDS योजना ने कुपोषण कम करने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधारने और बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह योजना एक मजबूत और स्वस्थ समाज की नींव रखती है।

निष्कर्ष

एकीकृत बाल विकास सेवा योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक पीढ़ी को मजबूत बनाने का संकल्प है।
जब एक बच्चा स्वस्थ होता है, माँ जागरूक होती है और समाज संवेदनशील बनता है, तभी राष्ट्र का भविष्य सुरक्षित होता है। Integrated Child Development Services इसी भविष्य की नींव है।

अस्वीकरण

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य से तैयार किया गया है। योजना से जुड़ी नवीनतम जानकारी, नियम और लाभ के लिए संबंधित सरकारी पोर्टल या विभाग की आधिकारिक सूचना अवश्य देखें। लेखक किसी भी नीति परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।